अजयसिंह ने विधानसभा में आवारा पशुओं का मुद्दा उठाया विधानसभा अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लिया.सीधी.

अजयसिंह ने विधानसभा में आवारा पशुओं का मुद्दा उठाया
विधानसभा अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लिया.सीधी.

मंगल भारत :सीधी:मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आरोप प्रत्यारोप और पक्ष विपक्ष की असहमति के बीच में एक मुद्दा ऐसा भी आया जिसे विपक्ष के साथ साथ सत्ता पक्ष ने पूरी संजीदगी से लिया | आवारा पशुओं से संबंधित यह मामला पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया था|
आम तौर पर ध्यानाकर्षण में मामला उठाने वाले सदस्य के अतिरिक्त किसी अन्य सदस्य को स्पीकर बोलने की इजाजत नहीं देते लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पक्ष विपक्ष के कई सदस्यों को भी अपना मत रखने का अवसर दिया|
अजयसिंह ने उजागर किया कि सरकार द्वारा पशुपालन विभाग पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद लगभग 10 लाख आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं | इन पशुओं के कारण किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं और राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सड़कों पर यातायात बाधित हो रहा है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं| रीवा, सतना, सीधी, ग्वालियर और शिवपुरी जैसे जिलों में अरहर, चना और गेहूं की फसलें विशेष रूप से प्रभावित हुई हैं |
संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अन्य मंत्रियों ने जोर देकर कहा कि गौ-सेवा केवल पैसे से नहीं बल्कि संवेदनशीलता से होती है, और सरकार की योजनाएं देश में एक मॉडल बनेंगी| उन्होंने कहा कि शेड बनाने और भूसा भंडारण का काम पहले शुरू करने के लिए कहा जा रहा है ताकि बरसात से पहले मवेशियों को वहां स्थानांतरित किया जा सके|
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह एक मानव जनित समस्या है और इसके समाधान के लिए सरकार और सभी सदस्यों को मिलकर काम करने की जरूरत है|