नागपुर: विस्फोटक फैक्ट्री धमाके में 18 लोगों की मौत, कंपनी के नौ निदेशक गिरफ़्तार

नागपुर ज़िले के राउलगांव में माइनिंग और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली एसबीएल एनर्जी लिमिटेड फैक्ट्री की डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुए धमाके में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए, जिनमें से ज़्यादातर की हालत गंभीर है. पुलिस ने कंपनी के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर नौ लोगों को गिरफ़्तार किया है.

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के नागपुर ज़िले में रविवार (1 मार्च) को एक विस्फोटक फैक्ट्री में हुए धमाके में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने कंपनी के नौ निदेशकों को गिरफ्तार किया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह (1 मार्च) को कटोल तहसील के राउलगांव में माइनिंग और इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव बनाने वाली एसबीएल एनर्जी लिमिटेड फैक्ट्री की डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुए धमाके में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हो गए, जिनमें से ज़्यादातर की हालत गंभीर है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल में 19 घायल मजदूरों को भर्ती कराया गया है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अधिकांश घायलों के शरीर का 30 से 80 प्रतिशत हिस्सा गंभीर रूप से जल गया है. कई लोगों को छर्रे लगे हैं, कुछ के सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है, जबकि अन्य को मशीनों से लगी चोटें और लंबी हड्डियों में फ्रैक्चर हैं. सभी की हालत गंभीर है और उन्हें तत्काल सर्जरी तथा आईसीयू देखभाल की जरूरत है.

पुलिस के अनुसार, कालमेश्वर पुलिस ने खनन और औद्योगिक विस्फोटक बनाने वाली कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है. अब तक कंपनी के नौ निदेशकों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक डॉ. हर्ष पोद्दार ने सोमवार (2 मार्च) को बताया कि पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पीईएसओ) और डिफेंस इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर सिक्योरिटी (डीआईएसएस) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कंपनी में सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां पाई गई हैं. उन्होंने कहा, ‘रिपोर्ट के आधार पर कंपनी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.’

अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में फरार अन्य आरोपियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.

पुलिस के अनुसार, धमाका इतना भयानक था कि कई शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण पहचान नहीं हो पा रही है. मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए परिजनों के डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं.

इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विस्फोट के कारणों की गहन जांच के आदेश दिए हैं.