एलपीजी संकट: अफवाहों पर सख्ती से रोक लगाएं

गैस आपूर्ति को लेकर सीएस ने की कलेक्टरों के साथ बैठक
भोपाल/मंगल भारत

ईरान-अमेरिका जंग के बीच प्रदेश में गैस और अन्य ईंधन की उपलब्धता को लेकर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की। बैठक में एलपीजी सहित अन्य ईंधनों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि रिफिल बुकिंग, ओटीपी जनरेशन और गैस वितरण में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए गैस कंपनियों को भी अपने सर्वर और तकनीकी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए जाएं। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना और एसीएस शिवशेखर शुक्ला एवं रश्मि अरूण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अफवाहों पर सख्ती से रोक लगाए
मुख्य सचिव ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए। डीजीपी मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेटफार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी अवैध जमाखोरी या कालाबाजारी की स्थिति न बने।
होर्मुज में बड़ी राजनयिक सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय झंडे वाले जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति मिलना भी एक बड़ी राजनयिक सफलता है, जिससे पेट्रोलियम आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल, एटीएस और घरेलू गैस की प्रदेश में पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी कीमतों में भी किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है। स्थिति पर नज़र रखने के लिए राज्य सरकार ने वरिष्ठ मंत्रियों की एक समिति भी बनाई है।
मध्य प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध जैसी स्थितियों के बीच केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हैं और नागरिकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने कई वैकल्पिक व्यवस्थाएं की हैं। पहले अधिकतर कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होती थी, लेकिन अब अन्य स्रोतों से भी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। देश की रिफाइनरियां भी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे गैस उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।