तीन दिवसीय पर्यावरण कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन.

मंगल भारत सीधी :रामपुर नैकिन:शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामपुर नैकिन में आयोजित तीन दिवसीय पर्यावरण जागरूकता एवं सतत जीवनशैली विषयक कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा उन्हें सतत एवं पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला के प्रथम दिवस में प्लास्टिक के कम उपयोग और उसके दुष्प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा कपड़े और जूट के थैलों के उपयोग जैसे वैकल्पिक उपाय अपनाने का संदेश दिया।
द्वितीय दिवस में कचरा प्रबंधन (Waste Management) एवं कार्बन फुटप्रिंट विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस सत्र में विद्यार्थियों को घर और संस्थानों में कचरे के पृथक्करण, पुनर्चक्रण (Recycling) तथा दैनिक जीवन में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के व्यावहारिक उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यशाला के तृतीय एवं अंतिम दिवस में ऊर्जा संरक्षण विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के सुप्रसिद्ध प्रोफेसर डॉ. भूपेंद्र तिवारी ने विद्यार्थियों को ऊर्जा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, अक्षय ऊर्जा के महत्व तथा ऊर्जा संरक्षण के विभिन्न उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर डॉ. गणेश द्विवेदी ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को वैदिक शास्त्रों एवं विभिन्न धर्मग्रंथों में वर्णित विचारों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों के समक्ष भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता के रूप में सम्मानित किया गया है और उसके संरक्षण को मानव का नैतिक कर्तव्य माना गया है।
वहीं डॉ. ए. के. साकेत ने अपने उद्बोधन में प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव करने होंगे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. अभिशिखा नामदेव द्वारा किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. पी. आजाद ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. संदीप कुमार पांडेय ने कार्यशाला में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए तथा सभी अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पौधा भेंट कर आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई।