महाराष्ट्र: रेप आरोपी स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ से संबंधों को लेकर विवादों में घिरीं महिला आयोग प्रमुख, इस्तीफ़ा

महाराष्ट्र के एक स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात को पुलिस ने नासिक से गिरफ़्तार किया है. उन पर एक 35 वर्षीय महिला के साथ तीन साल तक बार-बार रेप करने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप है. हाल ही में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा उनके पैर धोने का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद उनका विरोध तेज़ हो गया था.

नई दिल्ली: बलात्कार के आरोपी स्वयंभू ‘धर्मगुरु’ अशोक खरात के साथ अपने संबंधों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को अपना इस्तीफ़ा दे दिया.

मालूम हो कि अशोक खरात को नासिक जिले से बुधवार (18 मार्च) को गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि उन्होंने एक 35 वर्षीय महिला के साथ तीन साल तक बार-बार रेप किया. जांच के दौरान पुलिस को एक पेन ड्राइव में 58 वीडियो मिले हैं, जिनमें कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी शामिल हैं.

जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी ने अपने राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों का इस्तेमाल कर महिलाओं का भरोसा जीता और फिर धार्मिक या आध्यात्मिक अनुष्ठानों के नाम पर उनका शोषण किया. अशोक खरात पर भारतीय न्याय संहिता के तहत रेप और आपराधिक धमकी समेत काला जादू विरोधी कानून के तहत भी केस दर्ज किया गया है.

द हिंदू ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा उन्हें पद से हटने के लिए कहा गया था. उन्हें शुक्रवार को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में बुलाया गया था, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात कर स्पष्टीकरण देना था और उसके बाद अपना इस्तीफा सौंपना था.

एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने द हिंदू को बताया, ‘हमने उनसे कहा कि नैतिक आधार पर अब इस पद पर बने रहना उचित नहीं है. वह सुनेत्रा पवार से मिलेंगी और अपना पक्ष रखेंगी. सुनेत्रा वहिनी को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद पार्टी इस पर आगे की कार्रवाई तय करेगी.’

मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, चाकणकर नासिक ज़िले के सिन्नर में स्थित ‘श्री शिवनिका संस्थान’ की ट्रस्टी हैं, जिसके अध्यक्ष खरात हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से इस्तीफे का यह निर्देश तब आया, जब एक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह खरात के पैर धोते हुए दिखाई दे रही थीं. इस वीडियो के सामने आने के बाद उनका विरोध तेज़ हो गया था.’

रूपाली चाकणकर की सफाई

हालांकि, रूपाली चाकणकर ने इस पूरे मामले में अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह एक महिला हैं. इसलिए उनके खिलाफ गलत खबरें फैलाई जा रही हैं.

उन्होंने आगे कहा कि अशोक खरात के पैर धोते हुए उनका वीडियो पांच-छह साल पुराना है. रूपाली चाकणकर ने वीडियो के संबंध में कहा, ‘हमारे परिवार ने खरात दंपति को अपना गुरु माना था. यह वीडियो गुरु पूर्णिमा के दिन बनाया गया था. कोई नहीं जानता कि भविष्य में व्यक्ति कैसा व्यवहार करेगा. मैं खुद इस घटना से स्तब्ध हूं.’

उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

विपक्ष का सरकार पर निशाना

उधर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र की महायुति सरकार को निशाने पर लिया है. महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में भी यह मुद्दा उठाया गया है.

इस मामले पर बोलते हुए शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने वाली संस्था की प्रमुख का नाम ऐसे आरोपी से जुड़ना बेहद गंभीर मामला है.

संजय राउत ने इस मामले को ‘महाराष्ट्र की एपस्टीन फाइल’ बताया और एक्टिविस्ट विजय कुंभार की पोस्ट को शेयर किया, जिसमें इस गिरफ्तारी को एक बड़े संरक्षण नेटवर्क के खुलासे के रूप में दिखाया गया.वहीं, पार्टी की नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि चाकणकर अब इस पद पर बने रहने की नैतिक अधिकार खो चुकी हैं और ऐसे में महिलाएं उनसे न्याय की उम्मीद कैसे करेंगी.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता रुपाली ठोंबरे और कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी इस्तीफे की मांग की है.

वहीं, कांग्रेस ने इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद सरकार द्वारा इस कार्रवाई में देरी की कड़ी आलोचना की.

इस संबंध में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने द हिंदू को बताया, ‘यह सिर्फ हालिया मामले की बात नहीं है. अतीत में कई अन्य मामलों में भी चाकणकर आरोपियों का पक्ष लेती नजर आईं. उन्होंने महिलाओं और पीड़ितों के अधिकारों के लिए शायद ही कभी आवाज उठाई हो. इस मामले में भी बात सिर्फ अशोक खरात के पैर धोने की नहीं है. एक साल पहले चाकणकर ने ही एक पत्रकार को धमकी दी थी और खरात से जुड़े एक मामले में उनसे माफी मांगने को कहा था. इससे पता चलता है कि वह साजिश में शामिल थीं. महिला आयोग ने तब कारण बताओ नोटिस जारी किया था. ऐसा नोटिस कैसे भेजा गया? उनका नाम सामने आते ही उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए था.’

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें सम्मानजनक विदाई दी गई है. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग पर भी निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ‘यह भाजपा का सत्ता केंद्रीकरण का प्रयास है. गृह मंत्री के रूप में उन्हें सब कुछ पता था. उन्होंने तब कार्रवाई क्यों नहीं की? पार्थ पवार मामले में भी सरकार ने ही माना था कि वे दोषी हैं. उसी सरकार ने उन्हें क्लीन चिट दी थी. यह महायुति में राजनीतिक वर्चस्व के सिवा कुछ नहीं है.’

इस बीच महिला आयोग ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मामले में विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है.

अशोक खरात का राजनीतिक और सामाजिक संपर्क

गौरतलब है कि अशोक खरात को ‘कैप्टन खरात’, बाबा और भविष्य बताने वाले ज्योतिष के तौर पर लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल है. नासिक पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक उन पर कई महिलाओं के साथ बलात्कार करने का आरोप है.

इस संबंध में नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में 35 साल की एक महिला ने एफआईआर दर्ज कराई है. महिला ने आरोप लगाया है कि खरात ने खुद को दैवीय शक्तियों वाला बताकर उनका भरोसा जीता. फिर उन्हें शहर में अपने दफ्तर बुलाया और नशीला पदार्थ पिलाकर उनके साथ यौन उत्पीड़न किया. महिला का आरोप है कि खरात ने 2022 से दिसंबर 2025 तक उनके साथ बार-बार रेप किया.

बताया जाता है कि खरात एक सेवानिवृत्त मर्चेंट नेवी अधिकारी हैं, जिन्होंने बाद में खुद को न्यूमरोलॉजी, ब्रह्मांड विज्ञान और आध्यात्मिक मार्गदर्शन में विद्वान के रूप में पेश किया. वह श्री शिवनिका संस्थान के अध्यक्ष हैं. यही ट्रस्ट उनके बनाए मिरगांव, नासिक स्थित ईशान्येश्वर महादेव मंदिर का प्रबंधन करती है.

फिलहाल अशोक खरात पुलिस हिरासत में हैं और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और 74 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज हुआ है. साथ ही महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुरी तथा अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम अधिनियम, 2013 की धाराएं भी लगाई गई हैं.

महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तेजस्वी सतपुते की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम यानी एसआईटी बनाई है.

द प्रिंट के मुताबिक, नवंबर 2022 में- जब एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना से अलग होकर पार्टी पर अपना दावा मजबूत किया था- तब तत्कालीन मुख्यमंत्री मिरगांव पहुंचे थे. उनके साथ उनकी पत्नी, उस समय के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और उस समय के प्राथमिक शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर भी थे. उस दौरे की तस्वीर उस समय काफी सुर्खियों में थी.
हालांकि, ताज़ा विवाद सामने आने के बाद हर्षवर्धन सपकाल ने खरात की तस्वीरें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, एकनाथ शिंदे और रुपाली चाकणकर के साथ भी साझा की हैंऔर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीधे संदेश दिया.