पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण देश में बढ़ती एलपीजी संकट को लेकर विपक्ष के सांसदों ने संसद में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि ईरान के साथ सरकार के व्यवहार के कारण ही एलपीजी संकट पैदा हुआ है.

नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न एलपीजी संकट के बीच संसद भवन में कई विपक्षी सांसदों ने बुधवार (25 मार्च) को विरोध प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी सासंदों ने ‘एलपीजी गायब’ और ‘खाली सिलेंडर, खोखले वादे’ लिखे बैनर और तख्तियां लेकर संसद के मकर द्वार के पास गैस आपूर्ति की कमी को लेकर प्रदर्शन किया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, आप की आतिशी, सपा के धर्मेंद्र यादव, सीपीआई-एमएल के सुदामा प्रसाद, डीएमके की टी. सुमति और जेएमएम की महुआ माजी सहित अन्य नेताओं ने इस संकट को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी जी, जो कहा करते थे कि उनका सीना 56 इंच का है, उन्होंने ट्रंप के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है, और इसका खामियाजा दिल्ली और देश की जनता भुगत रही है.’
उन्होंने कहा, ‘भाजपा ने होली और दिवाली में फ्री सिलेंडर देने का वादा किया था. कई बार इसकी घोषणा भी करती है. अब पूरा सिलेंडर ही गायब हो गया है.’
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, ‘हम हमेशा चर्चा के लिए तैयार थे; ईरान के साथ सरकार के व्यवहार के कारण ही एलपीजी संकट पैदा हुआ है.’
बताया जा रहा है कि सरकार ने गैस वितरण को सुचारु बनाने और आपूर्ति के दबाव को कम करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं. चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच, शहरों में गैस परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं और प्रमुख क्षेत्रों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है.