दिल्ली के करोल बाग में पलटी डबल डेकर बस, 2 की मौत

दिल्ली के करोल बाग में पलटी डबल डेकर बस, 2 की मौत

दिल्ली के करोल बाग इलाके में झंडेवालान मंदिर के पास देर रात एक डबल डेकर बस असंतुलित होकर पलट गई। दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अब मौत हो गई है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। दमकल विभाग के मुताबिक, ये बस राजस्थान से आई थी जो हनुमान मंदिर चौक के पास पलट गई। उन्हें कॉल रात 1 बजकर 8 मिनट पर मिली। इस बस में तकरीबन 25 के आसपास यात्री सवार थे। कुछ घायल हैं जिन्हें अस्पताल भेजा गया है। ये डबल डेकर बस नए नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर रही थी। इस डबल डेकर बस में सिर्फ एक मेन डोर था, जो अगले हिस्से में था। एकदम पीछे एक इमरजेंसी रास्ता है जो तोड़ा गया है। इसके अलावा जो पीछे की तरफ गेट होता है वहां सीट लगाई गई थी। तीन दिन पहले जयपुर-दिल्ली हाईवे पर भी एक बस हादसे का शिकार हो गई थी। हरियाणा रोडवेज की एक तेज रफ्तार बस ने हाईवे पर जयपुर के चंदवाजी इलाके में पुलिया के पास एक बाइक को कुचल दिया था। इस बाइक पर चार लोग सवार थे, जिनमें से 3 दोस्तों की मौत हो गई।
घट गई ट्रंप की लोकप्रियता, सर्वे में 36 फीसदी पर सिमटी रेटिंग
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए खतरे की घंटी बज गई है। एक नए सर्वे ने व्हाइट हाउस में उनकी वापसी के बाद उनकी लोकप्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी ईरान युद्ध और आसमान छूती पेट्रोल की कीमतों की वजह से ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग गिरकर महज 36 फीसदी रह गई है। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का अब तक का सबसे निचला स्तर है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक पिछले हफ्ते तक उनकी रेटिंग 40 फीसदी थी, लेकिन सात दिनों के भीतर इसमें 4 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप ने चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे कि वे अमेरिका को बेमतलब की जंग में नहीं झोंकेंगे और देश की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक देंगे। लेकिन 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से समीकरण बदल गए हैं। सर्वे के मुताबिक,अमेरिका में पेट्रोल करीब एक डॉलर प्रति गैलन महंगा हो गया है, जिसका सीधा बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। जनता के बीच अविश्वास का आलम यह है कि केवल 25 फीसदी लोग जीवनयापन की लागत को संभालने के ट्रंप के तरीके से सहमत हैं। सिर्फ 29 फीसदी अमेरिकियों को ही ट्रंप के आर्थिक मैनेजमेंट पर भरोसा है, जो उनके दोनों कार्यकालों में सबसे कम है। दिलचस्प बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे गिर गई है।

12,732 छापे, 16 गिरफ्तारियां… यूपी में एलपीजी कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ एक्शन
उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है। 12 मार्च से अब तक पूरे राज्य में 12,732 जगहों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 25 गैस एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके अलावा 152 लोगों को कालाबाजारी में शामिल पाया गया। वहीं 185 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एजेंसी के अनुसार, बीते 12 मार्च को मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को साफ निर्देश दिए थे कि जरूरी चीजों की सप्लाई लगातार बनी रहनी चाहिए। अगर कहीं कोई दिक्कत आती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाए। इसी के बाद पूरे प्रदेश में सख्ती बढ़ा दी गई। प्रदेश में इस समय 4,108 एलपीजी गैस वितरक काम कर रहे हैं। ये सभी एजेंसियां लोगों को उनकी बुकिंग के हिसाब से गैस सिलेंडर पहुंचा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल गैस की कोई कमी नहीं है और सभी एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने 23 मार्च से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई 20 प्रतिशत बढ़ा दी है। इसका फायदा यह होगा कि होटलों, ढाबों और दुकानों में इस्तेमाल होने वाली गैस आसानी से मिल सकेगी। इससे घरेलू गैस पर दबाव कम होगा और आम लोगों को भी आसानी से सिलेंडर मिलते रहेंगे। पूरे मामले पर नजर रखने के लिए लखनऊ में 24 घंटे चलने वाला एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम में खाद्य और रसद विभाग के अधिकारी भी तैनात हैं। सिर्फ लखनऊ ही नहीं, बल्कि प्रदेश के हर जिले में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। ये सभी कंट्रोल रूम दिन-रात काम कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जो लोग गैस की कालाबाजारी करेंगे या नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।