अनिल अंबानी ने रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी पर बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है. उनका आरोप है कि चैनल ने ईडी जांच से जुड़ी रिपोर्टिंग में उन्हें गलत तरीके से व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा.

अनिल अंबानी ने रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी पर मानहानि का मुकदमा दायर किया
अनिल अंबानी ने रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी पर बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है. उनका आरोप है कि चैनल ने ईडी जांच से जुड़ी रिपोर्टिंग में उन्हें गलत तरीके से व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा.
द वायर स्टाफ
29/03/2026 भारत
अर्णब गोस्वामी. (फोटो साभार: फेसबुक/रिपब्लिक)
नई दिल्ली: उद्योगपति अनिल अंबानी ने अपनी वित्तीय लेन-देन से जुड़ी खबरों को लेकर रिपब्लिक टीवी और उसके संपादक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है. बार एंड बेंच के मुताबिक, अंबानी का कहना है कि इन रिपोर्टों से उनकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंची है.
मामले की सुनवाई जस्टिस मिलिंद जाधव द्वारा बुधवार को की जाने की संभावना है. याचिका में रिपब्लिक टीवी की मालिक कंपनी एआरजी आउटलायर, अर्नब गोस्वामी और अन्य अज्ञात पक्षों के खिलाफ अस्थायी रोक (इंजंक्शन) लगाने की मांग की गई है.
लाइव लॉ के अनुसार, अंबानी ने अपनी याचिका में कहा है कि वह प्रतिवादियों द्वारा लिखे और प्रकाशित किए गए लेखों से आहत हैं, जिन्हें उनके समाचार चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रसारित किया गया.
याचिका में कहा गया है कि कथित ‘आपत्तिजनक प्रकाशनों और बयानों’ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ शुरू की गई नियामक कार्रवाई से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग का दावा किया गया है.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में यह भी कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी और गोस्वामी इस बात से अवगत थे कि अंबानी नवंबर 2019 में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के गैर-कार्यकारी निदेशक पद से हट चुके थे और उन्होंने इन कंपनियों में कभी कोई प्रबंधकीय या परिचालन भूमिका नहीं निभाई.
याचिका में कहा गया है, ‘ये कंपनियां अलग-अलग इकाइयां थीं और आवेदक का उनके रोजमर्रा के प्रबंधन या निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में कोई हस्तक्षेप नहीं था.’
आगे कहा गया है, ‘इन तथ्यों की जानकारी होने के बावजूद, प्रतिवादियों ने दुर्भावनापूर्ण, झूठे और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से जांच के तहत कंपनियों से जुड़े आरोपों को आवेदक से जोड़ने की कोशिश की.’
अंबानी ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रतिवादियों ने अपनी रिपोर्टों के जरिए उन्हें कथित वित्तीय अनियमितताओं के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया, जिसमें सनसनीखेज शीर्षक, मानहानिकारक टिप्पणियां और अपमानजनक संकेतों का इस्तेमाल किया गया.