हर विधानसभा के 50 बड़े गांवों में होंगे बीजेपी के सम्मेलन

भोपाल/मंगल भारत। 7 से 22 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में गांव-बस्ती चलो अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान की कमान सीधे तौर पर क्षेत्र के दिग्गजों के हाथों में होगी, जिसमें सांसद, विधायक, महापौर और नगर पालिका अध्यक्षों से लेकर पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से मैदान में उतरने के निर्देश दिए गए हैं। इस रणनीति के जरिए भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पैठ को और अधिक गहरा करने की तैयारी में है। 6 अप्रैल को बीजेपी के स्थापना दिवस को लेकर शनिवार को बीजेपी की वर्चुअल मीटिंग हुई। इस बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर प्रदेश भर के बीजेपी पदाधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
केवल भाषण न दें, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मिलें
अभियान के दौरान गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें पार्टी के बड़े नेता स्वयं झाड़ू थामकर श्रमदान करेंगे। इसके बाद चौपालों पर केंद्र की मोदी सरकार और एनडीए शासित प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं एवं ऐतिहासिक उपलब्धियों पर व्यापक चर्चा की जाएगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि कार्यकर्ता केवल भाषण न दें, बल्कि उन लाभार्थियों से भी मिलें जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। इन लाभार्थियों के साथ जनसंपर्क कर उनके अनुभव के वीडियो बनाए जाएंगे और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा ताकि सरकार के काम का वास्तविक असर जनता के सामने आ सके।
प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश टोली तैनात
इतने व्यापक स्तर के अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर एक विशेष टोली का गठन किया गया है। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी को इस गांव/बस्ती चलो अभियान का विशेष प्रभार देते हुए सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। जिला स्तर पर भी कार्यक्रमों की योजना और क्रियान्वयन के लिए 4 सदस्यीय समितियां बनाई जा रही हैं, जिनमें 1 संयोजक और 3 सह-संयोजक होंगे। पार्टी ने इन समितियों में एक महिला सदस्य की भागीदारी को अनिवार्य किया है, ताकि महिला मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अभियान का प्रभावी संदेश पहुंच सके।
विधानसभावार गांवों का चयन
इस अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 बड़े गांवों को चिन्हित कर वहां विशेष कार्यक्रमों की सूची तैयार की गई है। इन गांवों में जाने वाले नेता केवल जनसभाएं ही नहीं करेंगे, बल्कि पार्टी की नींव रखने वाले पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनका आदर-पूर्वक सम्मान भी करेंगे । इसके साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवियों और गणमान्य व्यक्तियों से सीधा संपर्क साधकर उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जाएगा। भाजपा का मानना है कि पुराने कार्यकर्ताओं का अनुभव और नए लोगों का उत्साह मिलकर संगठन को और अधिक अपराजेय बनाएंगे ।
कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय मुद्दों जैसे सिंचाई, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस रहेगा। गांववासियों से सीधे संवाद के जरिए सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही, विपक्षी दलों द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों का भी मुकाबला किया जाएगा। भाजपा नेता मानते हैं कि 2023 के विधानसभा चुनाव में मिली भारी जीत के बाद भी निरंतर जनसंपर्क जरूरी है। यह अभियान पार्टी को 2028 के अगले चुनाव के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा। पुराने कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपने और युवा पीढ़ी को जोडऩे का भी प्रयास होगा।