आरएसएस की समन्वय बैठक

भोपाल/मंगल भारत। राजधानी के केरवा रोड स्थित शारदा विहार परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दो दिवसीय प्रांतीय समन्वय बैठक शनिवार से शुरू हुई, जिसमें संघ के मध्य भारत प्रांत के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में खास तौर पर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में संगठन की पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संघ के सहसरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर मौजूद रहे, जबकि रविवार को सहसरकार्यवाह अरुण कुमार के शामिल होने का कार्यक्रम है। इस समन्वय बैठक में कुल 32 से अधिक अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। बैठक में संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति और जनजाति बहुल क्षेत्रों में संगठन का विस्तार प्राथमिकता रहेगा। इसके तहत सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने, सेवा कार्यों को तेज करने और नई शाखाएं शुरू करने पर जोर दिया गया। संघ का मानना है कि इन वर्गों के बीच पहुंच बढ़ाकर संगठनात्मक आधार मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देने की योजना पर चर्चा हुई। बैठक में सामाजिक विस्तार, संगठनात्मक बदलाव और राजनीतिक समन्वय जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है। खासकर एससी-एसटी वर्ग में पकड़ मजबूत करने का फोकस आने वाले समय में संघ की कार्ययोजना का प्रमुख हिस्सा रहेगा।
भाजपा और अनुषांगिक संगठनों में बेहतर तालमेल पर जोर
बैठक का एक अहम मुद्दा संघ के अनुषांगिक संगठनों और भारतीय जनता पार्टी के बीच तालमेल को मजबूत करना रहा। कई संगठनों ने भाजपा के साथ समन्वय की कमी की बात रखी। इस पर संघ ने तय किया कि सभी संगठनों और भाजपा पदाधिकारियों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
संगठनात्मक ढांचे में बदलाव पर विचार
संघ की नई संगठनात्मक संरचना को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। हाल ही में हरियाणा के पट्टीकल्याणा (समालखा) में हुई प्रतिनिधि सभा में प्रांत प्रचारक के पद को समाप्त कर संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था लागू करने का निणज्य लिया गया है। यह व्यवस्था मार्च 2027 से लागू होगी। इस बदलाव के अनुरूप संघ अपने कार्यक्रमों और कार्यप्रणाली को नया रूप देने की तैयारी कर रहा है, ताकि संगठनात्मक मजबूती के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।