बेटी के तलाक पर रिटायर्ड जज ने बजवाए ढोल, परिवार ने जमकर डांस किया

मेरठ में शनिवार को तलाक का एक अनोखा मामला सामने आया। यहां एक परिवार ने तलाक के बाद बेटी का फूल मालाओं से स्वागत किया। ढोल की थाप पर लोग कोर्ट से घर तक नाचते-गाते नजर आए। मिठाइयां बांटी गईं। रिटायर्ड जज पिता ने फूल-माला पहनाकर घर में बेटी का स्वागत किया। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य ब्लैक कलर की टी-शर्ट पहने दिखे। जिस पर बेटी की तस्वीर थी और लिखा था-आई लव माय डॉटर। पिता ने कहा, मैंने 8 साल पहले अपनी इकलौती बेटी की शादी आर्मी के मेजर के साथ की थी। लेकिन मेरी बेटी ससुराल में खुश नहीं थी। उसे परेशान किया जाता था। उन्होंने भावुक होकर कहा- अगर मेरी बेटी शादी के बाद खुश नहीं थी, तो उसे खुश रखना मेरा फर्ज है। मैंने कोई एलीमनी या सामान नहीं लिया। सिर्फ अपनी बेटी को वापस घर लाया हूं।
देशभर के टोल प्लाजा पर अब खत्म होगी ‘दबंगई’, फास्टैग हुआ अनिवार्य
देशभर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने टोल वसूली की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाया है। आगामी 10 अप्रैल 2026 से देश के सभी टोल प्लाजा पर नकद (कैश) भुगतान की व्यवस्था को पूर्णत: समाप्त कर दिया जाएगा। इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य उद्देश्य टोल बूथों पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाना और यात्रियों के समय की बचत करना है। नई व्यवस्था के तहत अब हर वाहन पर फास्टैग होना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में वैध फास्टैग नहीं होगा, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। यदि किसी कारणवश फास्टैग नहीं है, तो चालक यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकेगा, लेकिन उसे सामान्य टोल शुल्क से 1.25 गुना अधिक राशि देनी होगी। यदि कोई चालक नकद देने पर अड़ता है या यूपीआई से भी भुगतान नहीं करता, तो उसे हाईवे पर प्रवेश से रोका जा सकता है या वाहन को वहां से हटाया जा सकता है। ऐसे मामलों में वाहन मालिक को सीधे ई-नोटिस भेजा जाएगा। ई-नोटिस मिलने के 3 दिनों के भीतर भुगतान न करने पर संबंधित व्यक्ति को दोगुना शुल्क देना होगा।
सुप्रीम कोर्ट की जज बोलीं- चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं राजनीतिक दबाव में न करें काम
बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक समारोह के दौरान सुप्रीम कोर्ट की जज बीवी नागरत्ना ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग, सीएजी और वित्त आयोग जैसी संस्थाओं को बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करना चाहिए। चुनाव केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव हैं। यदि इन संस्थाओं पर बाहरी प्रभाव पड़ेगा, तो निष्पक्षता और भरोसा दोनों प्रभावित होंगे। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से कार्य करना बेहद जरूरी है। इन संस्थाओं का गठन ही इस उद्देश्य से किया गया है कि वे निष्पक्षता बनाए रखें और किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव से मुक्त रहें। जस्टिस ने चुनाव को केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक व्यवस्था बताया, जिसके जरिए राजनीतिक सत्ता का गठन होता है। उनके अनुसार, समय पर चुनाव होने से सरकार में बदलाव सहज रूप से होता है और लोकतंत्र की स्थिरता बनी रहती है।
सावधान! 23 देशों में फैला कोरोना का नया वैरिएंट सिकाडा
साल 2020-23 के बीच पूरी दुनिया को लगभग रोक देने वाला कोरोना वायरस अब एक नए वैरिएंट के साथ फिर से सक्रिय होता दिख रहा है। नए वैरिएंट बीए.3.2 को वैज्ञानिकों ने सिकाडा नाम दिया है। अध्ययनों में पाया गया कि ये वैरिएंट तेजी से फैल सकता है और उन लोगों को भी संक्रमित करने की क्षमता वाला हो सकता है जो पहले के संक्रमण और वैक्सीन से इम्युनिटी बना चुके थे। दावा किया जा रहा है कि देखते ही देखते ये वायरस यूके सहित 23 देशों में फैल चुका है। ये तो स्पष्ट नहीं किया गया है कि इससे कितने लोग संक्रमित हुए हैं पर विशेषज्ञों की टीम लगातार इसे चिंताजनक मानते हुए लोगों को अलर्ट कर रही है। सिकाडा वैरिएंट की रफ्तार को देखते हुए अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ये नया वैरिएंट जल्द ही यूके में सबसे ज्यादा फैलने वाला स्ट्रेन बन सकता है। इसके चलते विशेषज्ञों ने मांग की है कि कोविड वैक्सीन को प्री-स्कूल टीकाकरण कार्यक्रमों में शामिल किया जाए।