रामपुर नैकिन मामला गरमाया: गौ तस्करी विवाद, दो आवेदन, राजनीतिक दबाव के आरोप—सीधी एसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन.सीधी.

रामपुर नैकिन मामला गरमाया: गौ तस्करी विवाद, दो आवेदन, राजनीतिक दबाव के आरोप—सीधी एसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन.सीधी.

मंगल भारत सीधी :सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में दर्ज प्रकरण अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गौवंश तस्करी की सूचना, उसके बाद हुई कार्रवाई और फिर संबंधित लोगों पर दर्ज मुकदमों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विभिन्न आवेदनों, बयानों और आरोपों के बीच अब इस मामले में राजनीतिक दबाव के आरोप भी सामने आए हैं। पूरे प्रकरण में पुलिस अधीक्षक, सीधी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

गौ सेवा से जुड़े गौरव सिंह बघेल एवं मनोज द्विवेदी ने अपने आवेदन में बताया कि 4 अप्रैल 2026 को उन्हें सूचना मिली थी कि वार्ड क्रमांक 5, रामपुर नैकिन में गौवंश को तस्करी के उद्देश्य से एकत्र किया जा रहा है। मौके पर पहुंचकर पूछताछ में सिंटू साहू एवं संजीव साहू के नाम सामने आए। उनका दावा है कि गौवंश को मुक्त कराया गया और एक नाबालिग बालक का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें “राजकुमार भईया” का नाम लिया गया।

आवेदकों का आरोप है कि घटना के बाद उन पर समझौते का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर 5 अप्रैल 2026 को थाना रामपुर नैकिन में उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया गया। साथ ही यह भी सामने आया है कि आवेदक मनोज द्विवेदी घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे।

इसी मामले में दूसरे आवेदक हरी मिश्र निवासी ग्राम पदखुड़ी ने 6 अप्रैल 2026 को आवेदन देकर अपने खिलाफ दर्ज प्रकरण को संदिग्ध बताया है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो में “रामकुमार भैया” नाम है, जबकि शिकायतकर्ता “राम कुमार साहू” है, जिससे मामले में भ्रम की स्थिति बनती है।

गौ सेवकों का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और यह प्रकरण राजनीतिक लोगों द्वारा दबाव बनाकर दर्ज कराया गया है। उनका आरोप है कि उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की गई है।

वहीं, मामले में शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और विशेष रूप से गौ सेवकों पर लगाई गई धाराओं की पहले जांच की जानी चाहिए।

गौ सेवकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाबालिग बालक के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई, वह पूरी तरह स्वस्थ था और उसे सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया था।

लगातार सामने आ रहे आरोप-प्रत्यारोप, आवेदनों और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच मामला पूरी तरह जांच के दायरे में आ गया है।

पुलिस अधीक्षक, सीधी द्वारा निष्पक्ष एवं सूक्ष्म जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद अब सभी पक्षों को न्याय की उम्मीद है।

अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस संवेदनशील मामले में प्रशासन क्या निष्कर्ष निकालता है।