मप्र भाजपा ने बनाया नया कोर ग्रुप…सीएम सहित 15 नेता शामिल

भोपाल/मंगल भारत। मप्र भाजपा में अपना नया कोर ग्रुप बना लिया है। हालांकि अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 15 सदस्यीय कोर ग्रुप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को शामिल किया गया है। दोनों डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला भी इस ग्रुप में हैं। सीनियर मंत्रियों में कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह के नाम हैं। पूर्व अध्यक्ष के रूप में वीडी शर्मा को भी इसमें जगह दी गई है। इसकी पहली बैठक 14 अप्रैल को रखी गई है। बैठक में यूसीसी, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, कोर ग्रुप की पहली बैठक 14 अप्रैल को रखी गई है। सभी मेंबर को फोन पर सूचना दे दी गई है। साथ ही कहा गया है कि चूंकि यह पहली बैठक है, इसलिए सभी लोग जिम्मेदारी से भोपाल पहुंच जाएं। बैठक सीएम हाउस में शाम को 7 बजे रखी गई है। पहली बैठक का एजेंडा भी लगभग तय हो गया है। इसमें आपसी सामान्य बातचीत के अलावा केंद्रीय नेतृत्व से मिले तीन बड़े कार्यक्रमों पर बात होगी। इसमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी), 33 फीसदी महिला आरक्षण बिल और आने वाले महीनों में संभावित विधानसभा का परिसीमन शामिल है। इसके अलावा पार्टी के कामकाज का रिव्यू भी होगा। नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम पूरे प्रदेश में जोर-शोर से चलाया जाना है। कोर ग्रुप इस पर भी बात करेगा। इसके अलावा सहकारिता के क्षेत्र में नियुक्तियों व चुनाव का भी मसला सामने रखा जा सकता है।
पूर्व मंत्री नरोत्तम की हुई वापसी
सबसे अहम बात यह है कि पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी नए कोर ग्रुप में शामिल किया गया है। पिछली (शिवराज) सरकार में नरोत्तम मिश्रा गृह मंत्री रहे थे। नई टीम में उनकी वापसी को पार्टी के अंदर बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया का नाम भी इस 15 सदस्यीय नए कोर ग्रुप में है। पिछली कमेटी के करीब 70 फीसदी सदस्यों को नई टीम में भी रखा गया है। प्रदेश संगठन महामंत्री चूंकि कोई नहीं है, इसलिए इस ग्रुप में वे शामिल नहीं हैं। सीनियर मंत्री और उपमुख्यमंत्री जो पिछली टीम में थे, वे इस बार भी बने हुए हैं।
जिलों के कामकाज पर समीक्षा
भाजपा के नए कोर ग्रुप की पहली बैठक में जिलों की इकाइयों के कामकाज का रिव्यू होगा। जिलों की बैठकों का रिपोर्ट कार्ड मुख्य मुद्दा रहेगा, जिसमें अब तक की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। यह मांग भी उठ सकती है कि जिला कोर ग्रुप की बैठकें किसी नेता के घर के बजाय पार्टी कार्यालय में ही हों। जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ तालमेल की कमी और कलेक्टरों के विरुद्ध मिली प्रशासनिक शिकायतों पर भी प्रदेश कोर कमेटी गंभीरता से चर्चा कर रणनीति तैयार करेगी। बैठक में तीन मुद्दे प्रमुख रहेंगे। पहला मुद्दा समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी है। दूसरा अहम विषय 33 फीसदी महिला आरक्षण बिल है। तीसरा विषय आने वाले महीनों में संभावित विधानसभा परिसीमन का है। इन तीनों पर पार्टी की रणनीति तय की जाएगी। इसके अलावा नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम पूरे प्रदेश में जोर-शोर से चलाया जाना है। कोर ग्रुप इस पर भी मंथन करेगा। सहकारिता के क्षेत्र में नियुक्तियों और चुनाव का मसला भी सामने रखा जाएगा।
सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक बने भटोल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों की नियुक्ति की है। संगठन कसावट के तहत विभिन्न प्रकोष्ठों में की गई नियुक्तियों में किशन सिंह भटोल को सहकारिता प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। भटोल पूर्व में मप्र भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसे सरकार ने परिसमापन में डाल दिया है। कर्नल ईशान आर को पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ, कपिल यादें को सांस्कृति प्रकोष्ठ और पूर्व में नि:शक्तजन आयुक्त रहे संदीप रजक को नि:शक्तजन कल्याण प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बनाया गया है।