विद्यालय को बदला मिशन में: खड्डी के संकुल प्राचार्य की सफलता गाथा

विद्यालय को बदला मिशन में: खड्डी के संकुल प्राचार्य की सफलता गाथा

सीधी, मध्यप्रदेश | 23 जुलाई 2025
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खड्डी के संकुल प्राचार्य श्री धीरेंद्र कुमार सिंह ने अपने समर्पण, दूरदृष्टि और लगातार नवाचारों के माध्यम से विद्यालय को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। 6 दिसंबर 2019 को जब उनकी पदस्थापना हुई, तब विद्यालय की स्थिति सामान्य थी, पर आज वह पूरे ज़िले में ‘हजार में एक’ की पहचान पा चुका है।

प्राचार्य स्वयं इसी विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं, इसलिए उनके मन में इस संस्था के प्रति विशेष लगाव रहा। कार्यभार ग्रहण करने के पहले ही दिन उन्होंने पूरे विद्यालय का निरीक्षण कर सभी शिक्षकों से सुझाव लिए और उसी दिन से सुधार का कार्य शुरू कर दिया।

प्रमुख नवाचार व सुधार कार्य:

पेयजल व्यवस्था में सुधार: छात्रों के लिए सुरक्षित आरओ (RO) युक्त पेयजल की व्यवस्था की गई। इसके बाद सभी छात्रों ने शुद्ध जल पीने की आदत अपनाई।

सुरक्षा और अनुशासन पर जोर: छात्राओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कक्षा में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इससे विद्यालय वातावरण अधिक सुरक्षित हुआ।

सौंदर्यकरण और सुविधा: सभी कमरों की रंगाई-पुताई कराई गई और आवश्यकता अनुसार पंखे लगाए गए ताकि विद्यार्थियों को गर्मी में परेशानी न हो।

पठन-पाठन पर विशेष ध्यान: अतिरिक्त कक्षाएं, मासिक बैठकें और नियमित अनुशासन से कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में लगातार सुधार हुआ।

सम्मान और प्रेरणा: वार्षिकोत्सव कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को मंच प्रदान किया गया और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई।

उल्लेखनीय उपलब्धियाँ:

वर्ष 2019 में जहाँ विद्यार्थियों की संख्या मात्र 800 थी, आज यह संख्या बढ़कर लगभग 1300 पहुँच चुकी है।

कई विद्यार्थियों ने लैपटॉप योजना का लाभ उठाया – केवल पिछले वर्ष ही 48 छात्रों को योजना का लाभ मिला।

विद्यालय के छात्र अमन सिंह ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में ज़िले में टॉप किया।

विद्यालय को “हजार में एक” जैसी विशिष्ट योजना में शामिल किया गया।

अगले लक्ष्य:

प्राचार्य श्री धीरेंद्र कुमार सिंह का सपना है कि आने वाले वर्षों में विद्यालय भवन को पूर्ण रूप से नवीन रूप मिले, और कम से कम 100 छात्रों को लैपटॉप योजना का लाभ दिलाया जा सके।

वे कहते हैं –
“भवन जर्जर हो सकता है, लेकिन संकल्प कभी नहीं। जब तक सेवा में हूँ, विद्यालय और बच्चों के हित में कार्य करता रहूँगा।”

विशेष रिपोर्ट: पत्रकार बलराम पांडे, मंगलभारत न्यूज़