एक ग्राफिक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक डाक टिकट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का प्रतीकात्मक चित्र दिखाया गया है. इस ग्राफिक पर लिखा है:

‘100 वर्षों की निस्वार्थ सेवा.’ इसे इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि नीदरलैंड्स सरकार ने आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक एक्स हैंडल ने यह ग्राफिक 10 अक्टूबर को पोस्ट किया और लिखा कि ‘नीदरलैंड्स ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट
एक ग्राफिक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक डाक टिकट और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का प्रतीकात्मक चित्र दिखाया गया है. इस ग्राफिक पर लिखा है: ‘100 वर्षों की निस्वार्थ सेवा.’ इसे इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि नीदरलैंड्स सरकार ने आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक एक्स हैंडल ने यह ग्राफिक 10 अक्टूबर को पोस्ट किया और लिखा कि ‘नीदरलैंड्स ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया है…’
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय, जो पहले भी कई बार गलत सूचना फैलाने के लिए खबरों में रह चुके हैं, ने वही ग्राफ़िक उसी कैप्शन के साथ साझा किया.
समाचार चैनल टाइम्स नाउ ने 10 अक्टूबर को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने भी बताया कि नीदरलैंड्स ने आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर स्मारक डाक टिकट जारी किए.
कई अन्य यूज़र और बीजेपी नेता जैसे प्रीति गांधी, प्रकाश जावड़ेकर और रमेश नायडु नागोठू ने यह वायरल ग्राफ़िक साझा किया और दावा किया कि नीदरलैंड्स सरकार ने आरएसएस के काम को मान्यता देते हुए डाक टिकट जारी किया है.
फैक्ट चेक
दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड सर्च की ताकि यह देखा जा सके कि क्या नीदरलैंड्स सरकार ने वास्तव में आरएसएस के डाक टिकट जारी किए हैं, लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली.
सावधानीपूर्वक जांच करने पर हमने देखा कि वायरल ग्राफ़िक में एक बैंक अकाउंट का नाम लिखा था: ‘स्टिचटिंग हिन्दू स्वयंसेवक संघ’. हिंदू स्वयंसेवक संघ (एचएसएस) आरएसएस की अंतरराष्ट्रीय शाखा है, जिसकी शाखाएँ कई देशों में हैं, जैसे अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स आदि.
‘स्टिचटिंग’ शब्द डच भाषा में ‘फाउंडेशन/संस्थापन’ के लिए इस्तेमाल होता है. ग्राफ़िक के भीतर गोल ब्लॉक में ऑर्डर करने का तरीका, शिपिंग चार्ज और ईमेल आईडी भी दी गई थी.
फिर हमने संबंधित कीवर्ड सर्च किया और आरएसएस से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिका ऑर्गनाइज़र में एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट का शीर्षक था: ‘आरएसएस एट 100: हिन्दू स्वयंसेवक संघ नेदरलैंड लॉन्चेस स्पेशल कमेमोरेटिव स्टैम्प टू ऑनर सेंचुरी ऑफ संघ’ और इसमें वही दो डाक टिकट दिखाए गए थे जो वायरल ग्राफ़िक में हैं.
रिपोर्ट में लिखा है, ‘इस ऐतिहासिक अवसर का सम्मान करने के लिए, हिंदू स्वयंसेवक संघ नीदरलैंड ने विश्व डाक दिवस पर गर्व से एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया, जो एक सौ वर्षों की एकता, अनुशासन और विश्व के सार्वभौमिक धर्म के प्रति भक्ति का प्रतीक है.’
यानी यह डाक टिकिट हिंदू स्वयंसेवक संघ की नीदरलैंड शाखा ने जारी किया था, लेकिन भाजपा की ऑनलाइन सेना ने दावा कर दिया कि यह उस देश की सरकार ने जारी किया है.
गौरतलब है कि नीदरलैंड की डाक सेवा ‘पोस्टएनएल’ लोगों को किसी भी चित्र को अपलोड करके व्यक्तिगत (पर्सनलाइज्ड) डाक टिकट बनाने की सुविधा भी देती है.