भोपाल/ मंगल भारत। प्रदेश में अप्रैल से प्रारंभ होने वाले नवीन
शिक्षण सत्र में विभाग डेढ़ सौ नवीन सांदीपनि स्कूल भवन बच्चों को प्रदान करेगा। मौजूदा समय में इनका निर्माण कार्य प्रगति पर है।
अधिकारियों का कहना है कि जो लक्ष्य है। उसी के अनुसार एजेंसी द्वारा कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में इन स्कूलों की बिल्डिंग का कार्य चल रहा है। कहीं पर पिलर कंपलीट हो गये हैं तो कहीं छतों का काम कंपूर्ण होने को है। अधिकारियों का कहना है कि अभी नवीन शिक्षण सत्र में तीन माह का समय शेष बचा हुआ है। इस अवधि में यह काम पूरे हो जाएंगे। निर्माण एजेंसी पीआईयू द्वारा यह काम किया जा जहा है। राजधानी भोपाल के अलावा जहां-जहां यह काम चल रहे हैं। वहां के वीडियो फुटेज के माध्यम से राज्य स्तर से समीक्षा हो रही है।
अधिकारियों का कहना है कि निर्मित हो रहे प्रत्येक स्कूल भवन की कीमत 30 से 32 करोड़ है। जहां जगह कम है। वहां 30 करोड़ की लागत से काम हो रहा है। जहां स्थल का अभाव रहा है। वहां 30 करोड़ की लागत से काम कराये जा रहे हैं।
मापदंडों का पालन निर्माण में जरूरी
स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि मापदंडो के अनुसार सांदीपनि स्कूल में पांच एकड़ जमीन जरूरी है। जिस पर सभी कक्षा कक्षों के साथ-साथ विषयवार लैब, लायब्रेरी, शिक्षकों के मीटिंग हॉल, प्रार्थना सभा हॉल के अलावा इंडोर और आउट डोर खेलों की व्यवस्था जरूरी है। इसी हिसाब से डिजाइन निर्माण कार्यों की डिजाइन तैयार कर कार्य कराया जा रहा है। सांदपनि स्कूलों के निर्माण में गुणवत्ता पर विभाग का पूरा फोकस है। अधिकारियों के अनुसार गुणवत्ता मानकों की जो शर्त हैं। उसी के अनुसार काम कराया जा रहा है। इस संबंध में हर दिन निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से बैठकें की जा रही हैं। कहां क्या कमियां हैं। उनका भी निराकरण किया जा रहा है।
इनका कहना है: वर्तमान में 150 सांदपनि स्कूलों का निर्माण चल रहा है। यह कार्य प्रगति पर है। मार्च तक यह स्कूल भवन कंपलीट हो जाएंगे। अप्रैल से जब नवीन शिक्षण सत्र प्रारंभ होगा तो इन्हीं में बच्चों की पढाई होगी। – रविन्द्र सिंह, डायरेक्टर, सांदपनि स्कूल, शिक्षा विभाग