संघ प्रमुख भागवत बोले- संघ के भरोसे न रहें! समाज स्तर पर खुद काम करें हिंदू

संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे हुए हैं। यह कोई उत्सव की बात नहीं है। जिसे करने में 100 वर्ष लग गए, वह और पहले हो जाना चाहिए था। समाज स्तर पर कार्य स्वयं करना होगा। संघ के भरोसे नहीं रहना चाहिए। समाज के हर अंग में शक्ति होनी चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोरक्ष प्रांत की ओर से संघ शताब्दी वर्ष पर योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में सामाजिक सद्भाव बैठक के बाद संघ प्रमुख विभिन्न जाति, पंथों के प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। उनकी जिज्ञासाओं पर भागवत ने कहा कि जरूरी है कि अपनी जाति-बिरादरी में चर्चा कर बड़े हिंदू समाज के लिए कार्य करें। संघ प्रमुख ने कहा-मिलकर विचार करेंगे, मिलकर दायित्व लेंगे और कुछ गड़बड़ होगा तो मिलकर सुधार करेंगे। देश ठीक रहेगा तो हम भी ठीक रहेंगे। यह समाज का काम है। समाज करेगा, संघ सहायता करेगा। हमें ब्लॉक स्तर पर वर्ष में दो से तीन बार बैठना होगा। हिंदू समाज में पूर्ण स्वतंत्रता है। हम हिंदू समाज के अंग हैं, इस दृष्टि से क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं, इस पर विचार करें। भागवत ने कहा कि समाज को चलाने के लिए खंड स्तर पर समाज के मुखिया लोगों को कार्य करना होगा।
लिव-इन रिलेशनशिप में रेप पर सुप्रीम टिप्पणी, शादी से पहले किसी पर न करें भरोसा
सुप्रीम कोर्ट ने झूठे शादी के वादे पर दुष्कर्म के आरोप से जुड़े एक केस की सुनवाई के दौरान कहा-शादी से पहले लडक़ा और लडक़ी पूरी तरह अजनबी होते हैं। उन्हें विवाह पूर्व शारीरिक संबंधों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को समझदारी और सतर्कता की सलाह दी। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जवल भुइयां की पीठ आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोपी पर आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर महिला के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह संबंध सहमति से प्रतीत होता है। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा-हम भले पुराने विचारों के हों, लेकिन शादी से पहले लडक़ा और लडक़ी एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं। शादी से पहले किसी पर आंख बंद कर भरोसा नहीं करना चाहिए।
थरूर को बनना है विदेश मंत्री और पवन खेड़ा बस कठपुतली: मणिशंकर अय्यर
अपने बयानों की वजह से विवादों में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने अपनी पार्टी के दिग्गज नेताओं को निशाने पर लिया है। उन्होंने शशि थरूर, पवन खेड़ा और जयराम रमेश के बारे में विवादित बातें कही हैं। उनका यह भी कहना है कि कांग्रेस पार्टी केरल में आगामी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी। क्योंकि पार्टी के नेता कम्युनिस्टों से ज्यादा एक-दूसरे से नफरत करते हैं। अय्यर का यह बड़ा बयान केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की हाल ही में की गई तारीफ पर मचे बवाल के बीच आया है। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि आने वाले चुनावों के बाद भी लेफ्ट के दिग्गज नेता टॉप पोस्ट पर बने रहेंगे। अय्यर ने तिरुवनंतपुरम से चार बार के सांसद शशि थरूर पर भी तीखी टिप्पणी की। थरूर को एंटी-पाकिस्तान बताते हुए अय्यर ने कहा कि वह अगला विदेश मंत्री बनने की ख्वाहिश पाले हुए हैं। अय्यर ने यह भी कहा कि कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश को अपनी नौकरी बचानी है। इसलिए वो तोता बन गए हैं।
दो बोर्ड परीक्षा नीति: सीबीएसई 10वीं की पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थिति अनिवार्य
सीबीएसई द्वारा कक्षा 10 की परीक्षाएं आज यानी 17 फरवरी से 11 मार्च 6 के बीच आयोजित की जाएंगी। जबकि 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 10 अप्रैल तक होगी। परीक्षा सुबह 10 बजकर 30 मिनट से प्रारंभ होगी। छात्रों को ठीक 10 बजे एग्जाम हॉल में पहुंचना होगा। यहां स्टूडेंट्स को ठीक 10:15 पर प्रश्नपत्र आवंटित कर दिए जाएंगे। इधर, परीक्षा से एक दिन पहले सोमवार को सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 के छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य है। बोर्ड ने कहा, जो छात्र पहली परीक्षा में कम से कम तीन विषयों में उपस्थित नहीं होंगे, उन्हें अनिवार्य पुनरावृति श्रेणी में रखा जाएगा। सीबीएसई 2026 से कक्षा 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। यह स्पष्टीकरण कुछ अनुरोधों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि कुछ छात्रों को पहले संस्करण की परीक्षा में शामिल होने में समस्याएं आ सकती हैं। बोर्ड ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे छात्रों को भी पहली परीक्षा में शामिल होना आवश्यक है, ताकि दूसरी परीक्षा के लिए पात्रता और परिणामों का उचित निर्धारण किया जा सके।