ओडिशा: कटक के अस्पताल में आग लगने से 10 मरीज़ों की मौत, कई कर्मचारी घायल

ओडिशा: कटक के अस्पताल में आग लगने से 10 मरीज़ों की मौत, कई कर्मचारी घायल
ओडिशा के कटक स्थिति एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आग रविवार को लगभग 2:30 बजे से 3:00 बजे के बीच उस वॉर्ड में लगी, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों का इलाज चल रहा था. अस्पताल के कम से कम 11 कर्मचारी, जो मरीज़ों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, घायल हो गए हैं. घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं.

नई दिल्ली: ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट के आईसीयू में सोमवार (16 मार्च) की तड़के बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग में 10 मरीजों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के कम से कम 11 कर्मचारी, जो मरीज़ों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, घायल हो गए हैं. बताया गया है कि यह आग सुबह लगभग 2:30 बजे से 3:00 बजे के बीच उस वॉर्ड में लगी, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों का इलाज चल रहा था.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जब आग लगी, तब आईसीयू में लगभग 15 मरीज़ भर्ती थे. ज़्यादातर मरीज़ वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, जिससे आग लगने के बाद उन्हें तेज़ी से दूसरी जगह ले जाना मुश्किल हो गया. उनमें से कई मरीज़ों की मौत उन्हें निकालने की प्रक्रिया के दौरान ही हो गई.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचे ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, ‘कुछ ही देर पहले एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट के आईसीयू में भीषण आग लग गई थी. पास के वॉर्ड भी इसके चपेट में आ गए. ट्रॉमा केयर की पहली मंजिल पर इलाज करा रहे 23 मरीजों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया.’

उन्होंने बताया, ‘मरीजों को शिफ्ट करते समय सात मरीजों की मौत हो गई, जबकि बाद में इलाज के दौरान आईसीयू में तीन और मरीजों ने दम तोड़ दिया.’

मुख्यमंत्री ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताते हुए मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि बचाए गए मरीजों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है. साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए प्रत्येक को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की घोषणा की.

अस्पताल के कर्मचारी भी घायल

बचाव कार्य में शामिल निजी सुरक्षा गार्डों सहित 11 अस्पताल कर्मचारी भी आग और धुएं के कारण घायल हो गए. उनका इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है.

द हिंदू के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद अस्पताल भवनों को अग्निरोधक (फायरप्रूफ) बनाने के निर्देश दिए गए थे.

उन्होंने कहा, ‘मेरी सरकार सत्ता में आने के बाद मैंने सभी अस्पताल भवनों को फायरप्रूफ बनाने के निर्देश दिए थे. मैंने व्यक्तिगत रूप से स्वास्थ्य संस्थानों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं. मेरी सरकार ने 2025-26 के बजट में आग से बचाव के लिए 320 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया था. मौजूदा बजट (2026-27) में भी इसी उद्देश्य के लिए 420 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है.’

उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों के समय ऐसी व्यवस्था नहीं की गई थी, जबकि उनकी सरकार पिछले दो वर्षों से इस दिशा में प्रयास कर रही है और सभी अस्पतालों में युद्ध स्तर पर अग्नि-सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक को भी निर्देश दिया है कि वे एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौजूद अग्नि-सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत रूप से जांच करें और फायर-सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करें.

न्यायिक जांच के आदेश

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे रहा हूं. यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी.’ उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन मरीजों को मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक और अन्य वॉर्डों में स्थानांतरित किया गया है, उन्हें बेहतरीन उपचार दिया जाए.

इस बीच, विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और गंभीर रूप से घायल मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की.

इस बीच कटक के मेयर सुभाष सिंह ने कहा कि एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अग्नि-सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था में गंभीर लापरवाही रही है.