भितरी रानी तालाब माध्यमिक शाला की बाउंड्री वॉल में ‘भ्रष्टाचार’ का आरोप, इंजीनियर की लापरवाही भी कटघरे में ग्रामीणों में उबाल
मंगल भारत.रामपुर नैकिन/सीधी.जनपद पंचायत रामपुर नैकिन की ग्राम पंचायत भितरी स्थित रानी तालाब माध्यमिक शाला (जूनियर स्कूल) में बन रही बाउंड्री वॉल अब बड़े विवाद का केंद्र बन गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और तकनीकी निगरानी में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला तूल पकड़ चुका है और क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य राजनीतिक संरक्षण में कराया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। वहीं, विरोध करने वाले पंचायत सचिव के निलंबन ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
आरोपों की परतें—इंजीनियर पर भी सवाल
घटिया सामग्री से निर्माण!
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाउंड्री वॉल में कमजोर ईंटें, घटिया रेत और कम सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इंजीनियर की लापरवाही उजागर
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण की जिम्मेदारी संबंधित इंजीनियर की होती है, लेकिन यहां न तो नियमित साइट निरीक्षण हुआ और न ही मानकों के अनुसार जांच की गई। लोगों का कहना है कि इंजीनियर की लापरवाही या मिलीभगत के कारण ही यह घटिया निर्माण संभव हो पाया।
बच्चों की सुरक्षा खतरे में
कमजोर निर्माण के चलते दीवार के गिरने की आशंका जताई जा रही है, जिससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है।
मिलीभगत और वित्तीय गड़बड़ी
ग्रामीणों ने ठेकेदार, विभागीय अधिकारियों और तकनीकी अमले के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग की बात कही है। पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की गई है।
आवाज उठाने पर कार्रवाई?
निर्माण कार्य का विरोध करने वाले पंचायत सचिव के निलंबन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को दबाया जा रहा है।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष तकनीकी जांच (इंजीनियरिंग ऑडिट) नहीं कराई गई और दोषियों—चाहे ठेकेदार हों, अधिकारी हों या इंजीनियर पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
अब तक इस पूरे मामले में प्रशासन या जनपद पंचायत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बड़ा सवाल
क्या प्रशासन भितरी रानी तालाब माध्यमिक शाला में हो रहे इस निर्माण की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय करेगा, या फिर बच्चों की सुरक्षा और सरकारी धन से जुड़ा यह मामला भी दबा दिया जाएगा?
भितरी की आवाज अब तेज हो चुकी है
अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।