भोपाल/मंगल भारत। हाईकोर्ट जज से सीधे संपर्क करने के प्रयास

करने के मामले में भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ द्वारा याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई की गई। युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 26 मार्च को निर्धारित की है। कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि विधायक संजय पाठक से संबंधित कंपनी के अवैध उत्खनन में मामले में हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने 1 सितम्बर 2025 को सुनवाई से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट जस्टिस ने अपने आदेश में कहा था कि विधायक ने उससे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। इसके कारण वह सुनवाई से खुद को अलग कर रहे हैं। याचिका में कहा गया था कि जस्टिस विशाल मिश्रा ने निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर चीफ जस्टिस के समक्ष भेजने का निर्देश भी दिया था। यह कदम न्यायपालिका की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। याचिकाकर्ता की तरफ से इस संबंध में विधायक संजय पाठक के खिलाफ संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई थी। उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उक्त याचिका दायर की गई है। याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव और पुनीत श्रोती उपस्थित रहे।