125 सीट जीतकर मप्र में बनाएंगे सरकार : कमलनाथ

कमलनाथ से मंगल भारत पत्रिका की विशेष बातचीत…
अब तो घर के लोगों ने ही शिव ‘राज’ का साथ छोड़ दिया है, प्रदेशवासी क्यों साथ देंगे
शिव ‘राज’ सरकार कुछ ही रोज की मेहमान है। उसका साथ तो अब घर के ही लोगों ने छोड़ दिया है। जब घर के लोगों को विश्वास नहीं रहा तो भाजपा सत्ता में वापसी कैसे और कहां से करेगी? मध्यप्रदेशवासी इस झूठी, भ्रष्ट, नाकारा एवं महज वादा करने वाली सरकार तथा शिवराज का साथ क्यों देंगे? राज्य में 11 दिसंबर को कांग्रेस की सरकार का उदय होगा। यह दावा है मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ का। कमलनाथ से ‘मंगल भारत पत्रिका बातचीत। पेश हैं, बातचीत के अंश…


– : अब मध्य प्रदेश में वोटिंग में कुछ ही दिन शेष रहे हैं, आपका आंकलन क्या है?
कमलनाथ: मध्यप्रदेश में 11 दिसंबर को कांग्रेस की सरकार का उदय होगा। कांग्रेस शानदार बहुमत से प्रदेश में सरकार बनाएगी।

– : यह अति आत्मविश्वास तो साबित नहीं होगा?
कमलनाथ: हम धरातल की बात कर रहे हैं। शिव ‘राज’ की वापसी कैसे होगी, अब तो घर (मुख्यमंत्री के साले संजय सिंह के भाजपा छोडक़र कांग्रेस में शामिल होने की ओर इशारा करते हुए) के लोग ही शिवराज का साथ छोड़ चुके हैं। जनता शिवराज और उनकी सरकार का सच भलि भांति जान चुकी है। झूठ, फरेब, भ्रम, भ्रष्टाचार, अनाचार और झूठे वादे करके भाजपा सत्ता में आती रही है। जनता ने इसे बदलने की ठान ली है।

– : मतलब, सरकार के खिलाफ विरोध भर से कांग्रेस जीत का भरोसा पाल बैठी है?
कमलनाथ: जी नहीं। नरेंद्र मोदी सरकार ने 125 करोड़ भारतवासियों को ठगा। देश आज गर्त में है। कांग्रेस ने पिछले 50-55 सालों में देश को जो दिया था, केन्द्र की सरकार ने पांच सालों में कांग्रेस के किए पर पानी फेर दिया। मध्यप्रदेश में झूठे वादे और भ्रमजाल फैलाकर मामाजी (मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान) ने सूबे को गर्त में ढकेल दिया। मध्यप्रदेश में आज तनख्वाह बांटना मुश्किल हो रहा है। कर्ज लेकर शिवराज सरकार घी पीते रही। उनके इस रवैये से आज राज्य का हर वर्ग बेहद परेशान है।

– : आरएसएस और भाजपा राम मंदिर की बात कर रहे हैं?
कमलनाथ: पांच राज्यों में हार उन्हें नजर आ रही है। भाजपा के विकास के हवाई दावों की मध्यप्रदेश और देश में पोल खुल गई है। ‘अच्छे दिन’ का वादा हवा हो चुका है। अब वे राम का सहारा लेकर प्रदेश और देश की जनता को एक बार फिर बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। जनता इस भ्रमजाल में आनेे वाली नहीं है। जनता जान चुकी है कि चुनाव आते ही भाजपा और आरएसएस को राम मंदिर केवल वोट पाने के लिए याद आने लगता है।

: आपके पास क्या जादुई चिराग है?
कमलनाथ: हम झूठे वादे नहीं करने वाले। जो किया जा सकता है, वही करने का वादा कर रहे हैं, और आगे भी वही वादा करेंगे जो पूरा किया जा सके। विकास देखना है तो छिंदवाड़ा मॉडल देखकर आइये। छिंदवाड़ा न केवल मध्यप्रदेश या देश, बल्कि दुनिया के सबसे विकसित जिलों में से एक है। सत्ता में आने के बाद हम मध्यप्रदेश को छिंदवाड़ा मॉडल की तर्ज पर विकसित करेंगे।

– : आपने बाबूलाल गौर को लालच दिया, कृष्णा गौर को पार्टी में लाने का प्रयास किया, सफलता हाथ नहीं लगी?
कमलनाथ: हमने किसी को कोई लालच नहीं दिया। भाजपा ने लालकृष्ण आडवाणी जी से लेकर गौर साहब और सरताज सिंह तक जैसे पार्टी को समर्पित नेताओं की जमकर दुर्गति की। लंबी फेहरिस्त है ऐसे नेताओं की जिनका उपयोग कर भाजपा ने उन्हें अकेला छोड़ दिया। अपमानित किया। भाजपा अपने वरिष्ठ और निष्ठावान नेताओं के साथ धोखा करती है, इस बात के दर्जनों उदाहरण हैं। वे किसे टिकट देते हैं और किसे नहीं? इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। यह उनका अपना मसला है। हम अपने काम में लगे हैं। हमें मध्यप्रदेश में सरकार में वापसी करके ही दम लेना है – यही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।

– : संजय सिंह को कांग्रेस में लाकर खुशफहमी महंगी तो नहीं पड़ेगी?
कमलनाथ: देखिये, संजय स्वयं कांग्रेस में आए हैं। शिवराज के कु-राज से तंग आकर वे हमारे पास आए। हमारे आंकलन में बेहतर साबित हो रहे थे, लिहाजा उन्हें वारासिवनी से पार्टी ने प्रत्याशी बनाया। हमारा आंकलन फैल नहीं होगा – देख लीजिएगा।

– : बड़े नेता सुधरने को तैयार नहीं हैं, आपस में जबरदस्त खींचतान है?
कमलनाथ: मीडिया और विरोधी ऐसा भ्रम फैला रहे हैं। पूरी पार्टी एक है।

– : टिकटों को लेकर खूब झमेला हुआ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया राहुल जी के सामने भिड़ गए?
कमलनाथ: मीडिया और भाजपा ने ऐसा फैलाया। सब एक हैं। टिकट को लेकर किसी तरह का कोई कोई विवाद नहीं हुआ। हरेक नेता एकमत रहा। भाजपा के असंतुष्ट भी हमारी दर पर आते रहे, जिसे उपयुक्त समझा हमने अपनी पार्टी में उन्हें उचित स्थान भी दिया। भाजपा प्रदेश कार्यालय जैसे प्रदर्शन हमारे दफ्तर पर नहीं हुए। एक-दो मामूली और छिटपुट घटनाक्रमों को छोडक़र हर कार्यकर्ता पूरी लगन के साथ भाजपा की मध्यप्रदेश से विदाई के एकमात्र काम में जुटा हुआ है।

– : अनुचित निर्णयों को लेकर शिवराज सरकार की आलोचना करते हैं, दूसरी तरफ आप भी किसानों का कर्ज माफ करने जैसा ऐलान कर खजाना लुटाने को तैयार हैं?
कमलनाथ: किसान कर्जमाफी का हकदार है। शिवराज और मध्यप्रदेश में पन्द्रह सालों से राज कर रही भाजपा ने अन्नदाता को केवल ठगा है। किसान के नाम पर खजाने से करोड़ों रुपए निकाले, लेकिन पहुंचाए नहीं। किसानों की बड़ी राशि बिचौलिए और अफसरान जीम गए। हम किसानों को उनका हक देना चाहते हैं। खजाना लुटाने जैसा हम कुछ भी नहीं करेंगे। नियम-कायदों और मर्यादाओं के तहत हर काम सत्ता में आने के बाद कांग्रेस करके दिखलाएगी। कर्जमाफी का वादा राहुल गांधी जी द्वारा मध्यप्रदेश के किसानों से किए गए वादे के अनुसार हम निभायेंगे।

– : जनता कांग्रेस को वोट क्यों दे?
कमलनाथ: मध्यप्रदेश में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा, भय, भूख और कु-राज से मुक्ति के लिए।

– : मुख्यमंत्री पद के लिए बड़े नेताओं में भारी रस्साकशी है?
कमलनाथ: यह भी आप मीडिया वालों और विरोधी दलों का फैलाया हुआ असत्य है। पुन: दोहराऊंगा कांग्रेस के हर नेता और कार्यकर्ता का एकमात्र लक्ष्य मध्यप्रदेश में पन्द्रह सालों के सरकार रूपी वनवास का खात्मा भर है। कोई बड़ा नेता मुख्यमंत्री बनने के लिए आतुर नहीं है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री को विधायक चुनते हैं। सत्ता में आने के बाद इस परंपरा का निर्वहन कांग्रेस करेगी।

– : टिकटों की आपकी पहली सूची को भाजपा की लिस्ट से बेहतर माना गया, मगर बाद में गाड़ी पटरी से उतर गई?
कमलनाथ: हमने बहुत ठोक बजाकर टिकट बांटे हैं। जीतने वाला प्रत्याशी हमारी प्राथमिकता थी। इसे मध्यप्रदेश के हर बड़े नेता और स्क्रीनिंग कमेटी से लेकर आलाकमान तक ने तरजीह दी।

–: अंत में कितनी सीटें मिलने की उम्मीद आपको है?
कमलनाथ: कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ मध्यप्रदेश में सत्ता में आएगी।