प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने से एक दिन पहले राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर में आग की घटना सामने आने के बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने लोकार्पण कार्यक्रम को स्थगित करने की जानकारी दी है. इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने से ठीक एक दिन पहले सोमवार (20 अप्रैल) की दोपहर राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर में आग लग गई, जिसके बाद पीएम के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है.
आग की घटना सामने आने के बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पचपदरा रिफाइनरी के इसके लोकार्पण कार्यक्रम को स्थगित करने की जानकारी दी.
सोशल मीडिया मंच एक्स पर मंत्रालय की ओर से कहा गया कि एचआरआरएल रिफाइनरी में क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास आग लगने की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण 21 अप्रैल 2026 को रिफाइनरी के लोकार्पण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है.
इसमें आगे बताया गया है कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी भी तरह की जान-माल की हानि की कोई खबर नहीं है. साथ ही कहा गया है कि इस घटना के कारणों का पता लगाने और आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने के लिए एक जांच शुरू कर दी गई है. लोकार्पण की नई तारीख की घोषणा उचित समय पर की जाएगी.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के बताया कि मंगलवार (20 अप्रैल) दोपहर करीब 2 बजे कच्चे तेल के आसवन इकाई (सीडीयू) में आग लग गई. घटनास्थल से घना काला धुआं उठ रहा था, जो कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था.
उल्लेखनीय है कि यह भारत का पहला ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है. यह एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के बीच 79,459 करोड़ रुपये की लागत वाला एक संयुक्त उद्यम है.
मुख्यमंत्री ने रिफाइनरी में आग लगने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अब स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है, सुरक्षा मानकों को सर्वोपरि रखते हुए प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा फिलहाल स्थगित किया गया है. इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं.
पचपदरा थाना प्रभारी अचला राम के अनुसार, ‘यह घटना प्रथमदृष्टया तकनीकी खराबी के कारण हुई लगती है, जो दोपहर करीब दो बजे घटित हुई. आग पर काबू पाने के लिए कम से कम 30 से 35 दमकल कर्मियों को मौके पर भेजा गया है, जिसके बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया. अब जांच के बाद ही आग लगने के सही कारण पता चल पाएगा.’
पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. कर्मचारियों को मौके से सुरक्षित निकाल लिया गया था. घटना के बाद रिफाइनरी की आंतरिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया है. इसके साथ ही दमकलकर्मियों तथा जल निकासी प्रणालियों को तैनात किया गया है.
वहीं, एचपीसीएल ने भी एक बयान जारी कर कहा कि पचपदरा स्थित रिफाइनरी परिसर के कूड डिस्टिलेशन यूनिट सेक्शन में आग लगी थी. प्रारंभिक जांच में हीट एक्सचेंजर सर्किट के एक वाल्व फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन रिसाव को कारण माना जा रहा है. आग हीट एक्सचेंजर स्टैंक तक सीमित रही. सीडीयू, वीडीयू और अन्य इकाइयों को तुरंत अलग कर दिया गया था. सभी इकाइयां संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं और अन्य हिस्सों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है.
रिफाइनरी के उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख जताया, साथ ही जांच की मांग करते हुए इस परियोजना में सालों की देरी को लेकर भी सवाल उठाए.
इस संबंध में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को वर्षों तक अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत दोगुनी हो गई. आग की घटना से यह संकेत मिलता है कि रिफाइनरी का काम अभी पूरा नहीं हुआ है और इसे केवल प्रचार-प्रसार के मकसद से जल्दबाजी में उद्घाटित किया जा रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने झूठे प्रचार से बचने के लिए थोड़ा समय दिया होता, तो शायद इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के आसपास सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक नहीं होती. यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि सरकार की गंभीर लापरवाही का नतीजा है.
टीकाराम जूली ने इस घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रिफाइनरी का उद्घाटन करने आ रहे हैं, जिसे कांग्रेस पार्टी ने बनवाया था. उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले इस तरह की घटना सरकार की जल्दबाजी में की गई व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है.”
वहीं, बाड़मेर के सांसद उम्मेदराम बेनीवाल ने भी घटना के सटीक कारण का पता लगाने और दोषियों को जिम्मेदार ठहराने के लिए उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है.