राज्यसभा चुनाव में नामांकन रद्द होते ही…कांग्रेस में घमासान

दिग्विजय समर्थकों के निशाने पर हरीश…

भोपाल/मंगल भारत। राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी के बीच हुई कथित बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसके बाद दिग्विजय के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर हरीश चौधरी को निशाने पर लेना शुरू कर दिया। दरअसल, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा की थी। इसी दौरान दिग्विजय सिंह और हरीश चौधरी के बीच किसी मुद्दे पर तीखी बातचीत होती दिखाई दी। वीडियो में दोनों नेताओं के हावभाव और बातचीत का अंदाज स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। हालांकि वीडियो में आवाज स्पष्ट नहीं होने के कारण यह पता नहीं चल सका कि दोनों के बीच क्या चर्चा हुई थी। वीडियो के बाद कांग्रेस में गुटबाजी की अटकलों को बल मिला।
सिंह और चौधरी पर किसनेक्या लिखा
वीडियो वायरल होने के बाद दिग्विजय सिंह के समर्थक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हो गए और उन्होंने सीधे नाम लिए बिना हरीश चौधरी की कांग्रेस के प्रति निष्ठा और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता योगेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिग्विजय सिंह का अपमान हम सब व्यक्तिगत अपमान है, फिर चाहे वो कोई नेता हो, यह महत्व नहीं रखता है। सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले अपने सम्मान की अपेक्षा न करें। मीडिया विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष अवनीश सिंह बुंदेला सोशल मीडिया पर लिखा कि दिग्विजय सिंह पर झूठे आरोप लगाए गए, अपमान करने का कुचक्र रचा गया।
नामांकन रद्द होने से पार्टी को नुकसान पहुंचा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री एवं अधिवक्ता प्रदीप शर्मा ने कहा है कि मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द होने से पार्टी को राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा है, उसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि गंभीर त्रुटि हुई है तो निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों को चिन्हित किया जाना चाहिए। यह तकनीकी गलती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जांच हों।