केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में बताया कि इस साल 15 मार्च तक देशभर में हिरासत में मौत की 170 घटनाएं दर्ज की गईं. बिहार में सर्वाधिक 19, उसके बाद राजस्थान में 18 और उत्तर प्रदेश में 15 ऐसी मौतें दर्ज हुईं.

नई दिल्ली: देश भर में इस साल के पहले 74 दिनों (15 मार्च तक) में हिरासत में मौत के कुल 170 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष के कुल 140 मामलों के आंकड़े से अधिक हैं. गृह मंत्रालय ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि राज्य पुलिस और एनएचआरसी के डेटा के मुताबिक, बिहार 19 मामलों के साथ इस सूची में सबसे ऊपर है, उसके बाद राजस्थान 18 और उत्तर प्रदेश 15 का स्थान है, जबकि गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब राज्यों में 14-14 मामले दर्ज किए गए.
मंत्री ने बताया कि 2021-22 में कस्टडी में मौत की 176 घटनाएं दर्ज हुई थीं; 2022-23 में यह संख्या घटकर 163 हो गई; 2023-24 में 157 और पिछले वर्ष 140 रही.
उन्होंने कहा, ‘बिहार में 2021-22 में 18, 2022-23 में 16, 2023-24 में 13, 2024-25 में 10 और इस वर्ष अब तक 19 ऐसी मौतें दर्ज की गई हैं.’
राजस्थान में 2021-22 में 13, 2022-23 में 4, 2023-24 में 7, 2024-25 में 9 और इस वर्ष 15 मार्च तक 18 मामले सामने आए.
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2021-22 में 8, 2022-23 में 10, 2023-24 में 12, 2024-25 में 11 और इस वर्ष 15 मार्च तक 15 हिरासत में मौतें दर्ज की गईं.
नित्यानंद राय ने बताया, ‘गुजरात में 2021-22 में 24, 2022-23 में 15, 2023-24 में 18, 2024-25 में 14 और इस वर्ष 14 मौतें हुईं. महाराष्ट्र में 2021-22 में 30, 2022-23 में 22, 2023-24 में 21, 2024-25 में 14 और इस वर्ष 14 मौतें दर्ज की गईं.’