बंगाल: रामनवमी के दौरान विभिन्न इलाकों में झड़पें, आगजनी के बाद धारा 144 लागू

पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में रामनवमी के जुलूसों के दौरान कथित तौर पर झड़पें हुईं, कुछ इलाकों में पत्थरबाज़ी, तोड़फोड़ और आगजनी हुई. मुर्शिदाबाद ज़िले के जंगीपुर और रघुनाथगंज में संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. रघुनाथगंज में धारा 144 भी लागू कर दी गई है. सिसातला इलाके में जुलूस के दौरान बज रहे संगीत को लेकर हुई कहासुनी के बाद झड़पें हुईं, दुकानों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई.

नई दिल्ली: चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में शुक्रवार (27 मार्च) को तनाव तब बढ़ गया, जब रामनवमी के जुलूसों के दौरान कथित तौर पर झड़पें हुईं; कुछ इलाकों में तो पत्थरबाज़ी, तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई.

पुलिस ने बताया कि प्रभावित इलाकों – जंगीपुर और रघुनाथगंज में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि एक जुलूस के दौरान कहासुनी होने पर हालात तनावपूर्ण हो गए और हिंसा भड़क उठी; दो गुटों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके और प्रभावित इलाकों – जंगीपुर और रघुनाथगंज में संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया.

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में कर लिया. इलाके में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झड़प तब शुरू हुई जब एक अल्पसंख्यक बहुल इलाके में कुछ लोगों ने शोभायात्रा पर पथराव कर दिया. कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें आग लगा दी गई. पीटीआई ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि रामनवमी के जश्न के तहत एक बड़े जुलूस में शामिल लोग रघुनाथगंज में मैकेंज़ी पार्क की ओर बढ़ रहे थे, तभी हंगामा शुरू हो गया.

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, रघुनाथगंज में धारा 144 भी लागू कर दी गई है, जिसके तहत चार या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक होती है.

वहीं, सिसातला इलाके में जुलूस के दौरान बज रहे संगीत को लेकर हुई कहासुनी के बाद जुलूस में शामिल लोगों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई.

जब जुलूस फूलतला क्रॉसिंग के पास पहुंचा, तो पत्थरबाज़ी की घटनाओं के बाद हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए. दुकानों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें आग लगा दी गई, जिससे हालात और बिगड़ गए.

अधिकारी के हवाले से बताया गया कि हालात पर काबू पाने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, और तब से वे प्रभावित इलाकों में रूट मार्च कर रहे हैं और कड़ी निगरानी रख रहे हैं.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, उसी दिन पुरुलिया के पारा में भी इसी तरह की एक घटना सामने आई. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि वहां भी स्थिति को काबू में कर लिया गया.

पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक वैभव तिवारी ने बताया कि लोगों का एक समूह रामनवमी की रैली में शामिल होने के लिए एक वाहन से जा रहा था, तभी दूसरे समुदाय के लोगों ने उस वाहन में तोड़फोड़ कर दी. इस घटना में वाहन चालक घायल हो गया.

इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, और दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके. बाद में केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की एक संयुक्त टुकड़ी के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति को काबू में कर लिया गया.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता धनंजय घोष ने आरोप लगाया कि यह हिंसा पहले से सोची-समझी साज़िश थी और इसके लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की.

इस बीच, जंगीपुर नगर पालिका के अध्यक्ष मोफ़िज़ुल इस्लाम ने प्रशासन से अपील की कि वे हिंसा के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें और शांति बनाए रखें.

अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है, क्योंकि पूरे ज़िले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होने हैं. वोटों की गिनती 4 मई को होगी, जो केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी के वोटों की गिनती के साथ ही होगी.