बिहारः नालंदा ज़िले के एक मंदिर में भगदड़; आठ लोगों की मौत, ढेरों घायल

घटना नालंदा ज़िले में स्थित शीतला माता मंदिर में हुई जहां चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी. बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी बात को लेकर अचानक अफ़वाह फैली और भगदड़ की स्थिति बन गई. अब तक आठ लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जिनमें अधिकांश महिलाएं हैं.

नई दिल्ली: बिहार के नालंदा ज़िले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार (31 मार्च) को अचानक मची भगदड़ में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी. इसी दौरान किसी बात को लेकर अचानक अफवाह फैली और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई. भीड़ के दबाव में कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और कुचल गए.

घायलों को बिहारशरीफ़ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए अस्पताल के डॉक्टर बिस्वजीत कुमार ने कहा कि मृतकों में अधिकांश महिलाएं हैं.

उन्होंने आगे बताया, ‘करीब 13-14 लोगों को अस्पताल लाया गया था. जिसमें, आठ लोगों की मौत हुई है. बाकी का यहां इलाज चल रहा है. दो मरीज, जो गंभीर थे, उन्हें दूसरे अस्पताल रेफ़र किया गया है.’
इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दुख व्यक्त करते हुए मारे गए लोगों के आश्रितों के प्रति संवेदना प्रकट की है.

प्रधानमंत्री कार्यलय की ओर से सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक बयान में कहा गया कि बिहार के नालंदा जिले में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है.

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मैं अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.’

प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की गई है.
वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन विभाग से 4-4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये का अनुदान देने का निर्देश दिया गया है.’

मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और घायलों के समुचित इलाज कराने का निर्देश दिया है.
बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एक्स पर एक पोस्ट करते हुए इस घटना पर दुख जताया है.

उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘नालंदा स्थित माता शीतला मंदिर में भगदड़ की दुखद घटना अत्यंत ही पीड़ादायक है. इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं. सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान की जा रही है. घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है.’
वहीं, इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए.

चश्मदीदों के मुताबिक पूजा के दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिससे अफ़रातफ़री का माहौल बन गया.

एक प्रत्यक्षदर्शी ललित कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘आज महावीर जयंती और मंगलवार है, इसलिए वहां भारी भीड़ थी. बैरिकेड्स टूट गए और अचानक भगदड़ मच गई. लोग कह रहे हैं कि कुछ लोग कुचले गए हैं और मौतें हुईं…लोग यह भी कह रहे हैं कि वहां पुलिस मौजूद नहीं थी.’
पटना से पहुंची एक महिला ने कहा, ‘हम अंदर तक नहीं पहुंच सके. वहां मौतें हुई हैं, जिसके बाद हमें बाहर भेज दिया गया. वहां लाठीचार्ज भी हुआ था…
एक अन्य श्रद्धालु रीना राय ने कहा, ‘हमें पता चला कि कुछ लोग बेहोश हो गए हैं और कुछ अन्य घायल हैं. हमने कुछ मौतों के बारे में भी सुना…भगदड़ इसलिए हुई क्योंकि कोई भी कतार में नहीं रहना चाहता था और हर कोई दूसरों से पहले दर्शन करना चाहता था…यह चैत्र का आखिरी मंगलवार था…यह सब अव्यवस्था के कारण हुआ.’

गौरतलब है कि राज्य में मंगलवार को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का नालंदा दौरा प्रस्तावित है, जहां वे नालंदा विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में अतिथि और मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी. ऐसा बताया जा रहा है कि पूरा प्रशासनिक तंत्र उनके आगमन की व्यवस्था में लगा हुआ है.