बांग्लादेश: चुनाव के बाद पहली विदेश मंत्रालय स्तरीय बैठक में उठा शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर्रहमान ने बुधवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की. यह बांग्लादेश में बीएनपी की नई सरकार के गठन के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च-स्तरीय मुलाकात थी. इस दौरान बांग्लादेश ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण की अपनी मांग फिर से दोहराई.

नई दिल्ली: ढाका में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की नई सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग फिर से दोहराई है. यह मांग फरवरी में नई सरकार के गठन के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्री की पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा के दौरान उठाई गई.

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर्रहमान ने बुधवार (8 अप्रैल) को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की. यह 12 फरवरी के संसदीय चुनावों में तारीक़ रहमान के नेतृत्व में बीएनपी की बड़ी जीत के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च-स्तरीय मुलाकात थी.

ढाका की ओर से जारी बयान के अनुसार, खलीलुर्रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान का ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ मंत्र नई सरकार की विदेश नीति का मार्गदर्शन करेगा, जो ‘आपसी विश्वास, सम्मान और पारस्परिक लाभ’ पर आधारित होगी.

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने ‘शेख हसीना और उनके गृह मंत्री असदुज्ज़मान खान कमाल को बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने के अनुरोध को दोहराया.’

दोनों को पिछले वर्ष नवंबर में बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड सुनाया था.

भारत के विदेश मंत्रालय ने बैठक पर संक्षिप्त बयान जारी किया, जिसमें प्रत्यर्पण के मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं था. इसमें कहा गया कि जयशंकर ने नई सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की भारत की इच्छा को दोहराई.

बांग्लादेश की ओर से जारी बयान में डीजल आपूर्ति, वीजा सुविधा, शरीफ उस्मान हादी हत्या मामले में संदिग्धों के हस्तांतरण और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा का उल्लेख किया गया.

यह यात्रा बीएनपी सरकार के गठन के बाद किसी वरिष्ठ अधिकारी की पहली भारत यात्रा थी. रहमान के साथ प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर भी मौजूद थे.

प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार (7 अप्रैल) की शाम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और बुधवार (8अप्रैल) को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी से भी मुलाकात की.

जब चुनाव का समय तय हो रहा था, तब जयशंकर ने ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया था और तारिक रहमान से भी मुलाकात की थी, जिससे नई सरकार के साथ संबंध बेहतर करने का संकेत मिला था.

इसके बाद रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए थे.

शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग अब ढाका की दो सरकारों द्वारा की जा चुकी है. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने दिसंबर 2024 में पहला औपचारिक अनुरोध भेजा था.

17 नवंबर 2025 को मृत्युदंड के फैसले के बाद 21 नवंबर को दूसरा अनुरोध भेजा गया, जिसमें जुलाई-अगस्त 2024 की कार्रवाई में लगभग 1,400 लोगों की मौत का हवाला दिया गया.

इस पर नवंबर 2025 में भारत ने कहा था कि मामला ‘कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचाराधीन है.’

ज्ञात हो कि शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हटने के पश्चात सैन्य विमान से भारत आ गई थीं और तब से भारत में एक अज्ञात स्थान पर रह रही हैं. ढाका की सरकारें इसे द्विपक्षीय संबंधों में तनाव का कारण बताती रही हैं.
बांग्लादेश का यह अनुरोध हसीना के कार्यकाल में 2013 की एक द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि पर आधारित है, जिसके तहत भारत राजनीतिक प्रकृति के मामलों में प्रत्यर्पण से इनकार कर सकता है.

बांग्लादेश की ओर से यह भी कहा गया कि बातचीत में शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में आरोपियों को वापस भेजने पर सहमति बनी. हादी 2024 के छात्र आंदोलन के एक प्रमुख नेता थे, जिनकी पिछले साल दिसंबर में ढाका में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

इस घटना के बाद बांग्लादेश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें भारत-विरोधी रुख देखने को मिला था. प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के दो प्रमुख अख़बार- द डेली स्टार और प्रोथॉम अलो के दफ्तरों पर ‘भारत का हमदर्द’ होने का आरोप लगा कर हमला किया था.

भीड़ ने ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर भी मार्च किया था. इसके बाद भारत ने कुछ वीजा सेवाएं निलंबित कर दीं और बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब किया.

हादी हत्याकांड में दो बांग्लादेशी नागरिकों- फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को पश्चिम बंगाल के बोंगांव से गिरफ्तार किया गया था. उन्हें दिल्ली लाया गया, जहां अदालत ने एनआईए को उनकी हिरासत सौंपी.

रहमान ने भारत को ‘शहीद उस्मान हादी के संदिग्ध हत्यारों को पकड़ने’ के लिए धन्यवाद दिया और दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि आरोपियों को प्रत्यर्पण संधि के अनुसार लौटाया जाएगा.

भारत ने अगस्त 2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थी. बाद में ये आंशिक रूप से बहाल हुईं, लेकिन संख्या कम रही. बांग्लादेश के अनुसार, अब भारत ने संकेत दिया है कि चिकित्सा और व्यापार के लिए वीजा प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा.

पेट्रोलियम मंत्री पुरी के साथ बैठक में बांग्लादेश ने भारत से डीजल और उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध भी किया.

भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन, जो असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी को बांग्लादेश के परबतिपुर डिपो से जोड़ती है, का उद्घाटन मार्च 2023 में मोदी और हसीना ने किया था.

समझौते के तहत बांग्लादेश को भारत द्वारा हर साल 1.8 लाख टन डीजल भेजा जा सकता है. ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमले के बाद उत्पन्न हुई ऊर्जा संबंधी समस्याओं के बीच भारत इस महीने भारत 20,000 टन डीजल भेज रहा है. हालांकि, युद्ध के कारण बांग्लादेश ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है.

बांग्लादेश की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पुरी ने संकेत दिया है कि भारत इस अनुरोध पर ‘तत्परता और सकारात्मक रूप से विचार करेगा.’