एयरबस-320 उतरने लायक बनेगा एयरपोर्ट… रात में विमान उतर सकेगा
भोपाल/मंगल भारत

मप्र सरकार रीवा एयरपोर्ट का विस्तार करने जा रही है। अभी रीवा एयरपोर्ट का रनवे महज 1800 मीटर है। यह एयरपोर्ट अभी भी बड़े विमान और रात्रि लैंडिंग के लायक नहीं है। अब एयरपोर्ट पर 320 सीटर तक का विमान रनवे पर उतारने के लिए 399 करोड़ रुपए की राशि खर्च कर इसका विस्तार किया जाएगा। इसके बाद रनवे की लंबाई 2600 मीटर हो जाएगी। रात के समय भी विमान उतर सकेगा। आसपास के 200 किमी की परिधि वाले जिलों तथा उप्र के प्रयागराज व मिर्जापुर जिले के साथ ही अन्य जिलों के लोगों को सहूलियत मिलेगी। इस आशय का प्रस्ताव मप्र के विमानन विभाग ने तैयार किया है।
वर्तमान में रीवा से दिल्ली, इंदौर, रायपुर के लिए उड़ानें
दरअसल, मौजूदा समय में रीवा एयरपोर्ट का विस्तार के बाद भी यहां 72 एटीआर विमान रनवे पर उतरने लायक ही है, लेकिन बड़े विमान और रात्रि लैंडिंग की व्यवस्था नहीं है। इस समय रीवा एयरपोर्ट से मप्र सरकार की विमान नीति के तहत रीवा से दिल्ली सप्ताह में तीन दिन एलाइंस कंपनी (एयर इंडिया) की फ्लाइट मिलती है, जबकि इंडिगो की रीवा से इंदौर के लिए सप्ताह में 7 दिन और रीवा से रायपुर के लिए हफ्ते में तीन दिन हवाई सेवा चल रही है। अब एयरपोर्ट का रनवे बढ़ाकर 2600 मीटर करने के बाद उस पर बड़े विमान भी उतरने लगेंगे।
रनवे के विस्तार के लिए 140 एकड़ भूमि का किया जाएगा अधिग्रहण
रीवा एयरपोर्ट में 72 एटीआर विमान उतारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2025 में एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। अभी विस्तार के बाद एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 1800 मीटर है, लेकिन बड़े 320 सीटर विमान उतारने के लिए 2600 मीटर रनवे बनाया जाएगा। साथ ही रात्रि में विमान लैंडिंग करने व्यवस्था की जाएगी। रनवे का विस्तार करने और रात्रि लैंडिंग की सुविधा मुहैया कराने पर करीब 399 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। रनवे के विस्तार के लिए 140 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
मप्र, छग और उप्र को मिलेगा लाभ
सूत्रों ने बताया कि यदि रीवा एयरपोर्ट पर 320 सीटर एटीआर विमान उतरने लगेंगे, तो इसका फायदा विंध्य क्षेत्र ही नहीं, बल्कि रीवा से प्रयागराज आने-जाने वाले पर्यटकों को भी फायदा मिलेगा। चूंकि अभी प्रयागराज में एयरफोर्स का एयरपोर्ट है। वहां सीमित संख्या में भी विमान उतरते हैं। वाराणसी में जरूर बड़े बड़े विमान उतरते हैं, पर वहां भी कुछ 95 असुविधा है। साथ ही रीवा से इलाहाबाद, वाराणसी, मिर्जापुर और सिंगरौली सहित छत्तीसगढ़ के रायपुर आने-जाने की सुविधा लोगों को मिल सकेगी। जबकि रीवा से प्रयागराज, इलाहाबाद, मिर्जापुर और वाराणसी की दूरी 120 से लेकर 150 किमी है और विमान से सफर करने से समय की बचत होगी।