उत्तर प्रदेश: डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त की गई, विपक्ष ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

ग़ाज़ियाबाद के लोनी में रविवार को डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे. पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ये प्रदर्शन ख़त्म हुए. इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की है.

नई दिल्ली: गाजियाबाद के लोनी में रविवार (19 अप्रैल) सुबह डॉ. बीआर आंबेडकर की क्षतिग्रस्त प्रतिमा पाए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन भड़क गया. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के लोगों द्वारा किया गया यह विरोध प्रदर्शन पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ख़त्म हुआ.

गाजियाबाद (ग्रामीण) के डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा, ‘आज सुबह हमें डॉ. आंबेडकर की एक प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की सूचना मिली. इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई है.’ उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.

डीसीपी ने यह भी कहा, ‘एक स्वाट (SWAT) टीम भी मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच कर रही है. आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.’

इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना की है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने कहा, ‘सत्तारूढ़ दल प्रभावशाली वर्गों से जुड़े इन उपद्रवियों का समर्थन कर रही है. इस तरह की घटनाएं पूरे राज्य में हो रही हैं. डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर हमला दलितों के स्वाभिमान आंदोलन पर हमला है.’

वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता नासिर सलीम ने भी राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए इसे ‘बेहद चिंताजनक’ बताया.

उन्होंने कहा, ‘यह अत्यंत दुखद घटना है. डॉ. आंबेडकर सिर्फ एक समुदाय के नेता नहीं हैं. वह संविधान के शिल्पकार हैं और समानता, गरिमा तथा सामाजिक न्याय के प्रति भारत की सामूहिक प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं.’