पंजाब: जालंधर और अमृतसर में सैन्य ठिकानों के पास दो धमाके, सीएम मान ने भाजपा का हाथ बताया

पहला धमाका रात क़रीब 8 बजे जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के पास हुआ, जब पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के नज़दीक एक स्कूटर में आग लग गई. दूसरी घटना कुछ घंटों बाद अमृतसर में हुई. रात करीब 10:50 बजे खासा छावनी इलाके में सेना और बीएसएफ प्रतिष्ठानों के पास धमाका हुआ. सीएम भगवंत मान ने आरोप लगाया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अशांति फैलाने के लिए भाजपा ये घटनाएं करा रही है.

नई दिल्ली: पंजाब के जालंधर और अमृतसर में सैन्य प्रतिष्ठानों के पास मंगलवार (5 मई) की रात कुछ घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग कम तीव्रता वाले धमाके होने की खबर सामने आई है.

पहला धमाका रात करीब 8 बजे जालंधर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) मुख्यालय के पास हुआ, जब बीएसएफ के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के नजदीक खड़ी एक स्कूटर में आग लग गई. इलाके के लोगों ने तेज आवाज सुनने की बात कही. पुलिस के कुछ अज्ञात अधिकारियों ने द हिंदू से कहा कि अभी यह तय करना जल्दबाजी होगी कि यह विस्फोट था या दुर्घटनावश लगी आग.

जालंधर की पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर ने कहा कि शुरुआती जांच में वाहन में आग लगने की बात सामने आई है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है.

दूसरी घटना कुछ घंटों बाद अमृतसर में हुई. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रात करीब 10:50 बजे खासा छावनी इलाके में सेना और बीएसएफ प्रतिष्ठानों के पास धमाका हुआ.

अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोहैल कासिम मीर ने बताया कि छावनी की सीमा से सटी टिन की एक शीट क्षतिग्रस्त होकर गिर गई थी.

एएनआई के मुताबिक, मीर ने कहा कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि किसी वस्तु को दीवार की ओर फेंका गया था, जिससे छोटा विस्फोट हुआ. उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई हताहत या बड़ा नुकसान नहीं हुआ है.

ये दोनों घटनाएं पटियाला जिले में 27 अप्रैल को रेलवे ट्रैक पर कथित विस्फोट की कोशिश के कुछ दिनों बाद सामने आई हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उस मामले में आरोपी की मौत हो गई थी.

वह धमाका 27 अप्रैल की रात करीब 9 बजे पटियाला जिले में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के शंभू-राजपुरा सेक्शन के पास हुआ था. पुलिस ने इसे एक संदिग्ध द्वारा ‘विस्फोट की कोशिश’ बताया था, जिसमें संदिग्ध आरोपी की मौत हो गई. धमाके से रेलवे ट्रैक को आंशिक नुकसान पहुंचा था, लेकिन यात्री सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा.

इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार (6 मई) को आरोप लगाया कि 24 घंटे के भीतर राज्य में हुए इन दोनों धमाकों के पीछे भाजपा का हाथ है. उन्होंने दावा किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अशांति फैलाने के लिए ये घटनाएं कराई जा रही हैं.

मीडिया से बात करते हुए मान ने कहा, ‘यह भाजपा का काम करने का तरीका है. जब भी उन्हें किसी राज्य में चुनाव लड़ना होता है, तो वे दंगे, धमाके या दो धर्मों के लोगों के बीच तनाव पैदा करते हैं. इन धमाकों का मतलब है कि भाजपा पंजाब के लिए तैयारी कर रही है.’

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब शांति पसंद राज्य है. उन्होंने कहा, ‘राज्य के लोग पहले ही बहुत मुश्किल दौर देख चुके हैं. मामले की जांच चल रही है और दोषियों को सजा दी जाएगी.’