10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी: पेट्रोल 2.61 और डीज़ल 2.71 रुपये महंगा, महंगाई बढ़ने की आशंका

पिछले 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ाई गई हैं. सोमवार (25 मई) को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीज़ल 2.71 रुपये महंगा हुआ, जिससे दिल्ली में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया. लगातार बढ़ती कीमतों से माल ढुलाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत बढ़ने की आशंका है.

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है. पिछले 10–11 दिनों के भीतर यह चौथी वृद्धि है और इसके साथ ही दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है. लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है.

सोमवार (25 मई) को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया.

15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी की इस श्रृंखला में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें अब तक कुल मिलाकर लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं.

दिल्ली में पेट्रोल चार साल बाद फिर 100 रुपये के पार पहुंचा है. इससे पहले मई 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान इसकी कीमतें इस स्तर पर पहुंची थीं.

महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक बढ़ी और यह 113.51 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई, जबकि डीज़ल 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गया. मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीज़ल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीज़ल 99.55 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

इससे पहले शनिवार को भी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में क्रमशः 87 पैसे और 91 पैसे की वृद्धि की गई थी. उसी दिन दिल्ली में सीएनजी की कीमत भी एक रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाकर 81.09 रुपये कर दी गई थी.

विशेषज्ञों का मानना है कि डीज़ल की कीमतों में वृद्धि का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा. माल ढुलाई की लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और अन्य रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी दबाव पड़ सकता है. पिछले महीनों में दूध और ब्रेड जैसी वस्तुओं की कीमतों पर पहले ही ईंधन लागत का असर देखा गया है.

दिलचस्प यह है कि जिस दिन देश में ईंधन की कीमतें बढ़ाई गईं, उसी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड सोमवार को करीब पांच प्रतिशत गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया और यह 98.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है. हालांकि घरेलू बाजार में ईंधन कीमतों पर उसका असर फिलहाल दिखाई नहीं दिया है.