उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल के गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई है. यह हादसा गुरुवार और शुक्रवार (29 मई) की दरमियानी रात को हुआ, जब इलाके में तेज़ हवाएं चल रही थीं और बारिश भी हो रही थी. बताया जा रहा है कि मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद पुल पर निर्माण कार्य जारी था, जिसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर ज़िले में गुरुवार और शुक्रवार (29 मई) की दरमियानी रात एक निर्माणाधीन पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई है. जबकि मलबे में दबे तीन मजदूरों को पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की मदद से रेस्क्यू कर अस्पताल भेज दिया गया है.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा लालपुरा के मोराकंदर पारसानी गांव के पास तड़के करीब 3 बजे हुआ. बेतवा नदी पर बन रहा यह निर्माणाधीन पुल इस गांव को कुरारा इलाके के नैथी से जोड़ता है.
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार देर रात इलाके में तेज़ हवाएं चलीं और बारिश हुई, तब पुल का निर्माण कार्य चल रहा था. अचानक निर्माणाधीन ढांचा गिर गया और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, मृत मजदूरों में दो हमीरपुर और चार बांदा जिले के रहने वाले थे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए घटना में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए गए हैं.
इस घटना के संबंध में एडिशनल एसपी अरविंद कुमार वर्मा ने बीबीसी को बताया, ‘पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत हो चुकी है. मलबे में दबे तीन मजदूरों को रेस्क्यू कर लिया गया है. जब हादसा हुआ तब मजदूर काम कर रहे थे.’
उन्होंने आगे बताया, ‘अभी हम घटनास्थल पर मौजूद हैं जांच के बाद ही कारणों का पता चल सकता है लेकिन जो दोषी होंगे निश्चित ही उनपर कार्रवाई होगी.’
अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य रातभर जारी रहा. जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मज़दूरों को बाहर निकाला गया. घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शी सुरेश कुमार ने बताया, ‘पुल पर दो शिफ्ट में काम होता है. जिस वक्त आंधी आई, पहली शिफ्ट के लोग पुल के नीचे थे, जबकि दूसरी शिफ्ट के 7 मजदूर पुल पर काम कर रहे थे. उनमें मैं भी था. आंधी से बचने के लिए हम लोग पुल पर लेट गए. इसी बीच हादसा हो गया.’
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इस पुल का निर्माण करवा रहा है. इसकी लागत 90 करोड़ रुपये है. 700 मीटर लंबा दो लेन का ब्रिज मोराकांड से कुरारा गांव के बीच बनाया जा रहा है. इसका निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था. दिसंबर 2026 तक इसे पूरा किया जाना है.
हमीरपुर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन कुलदीप निषाद ने बताया कि मौसम विभाग ने तेज आंधी और तूफान को लेकर एडवाइजरी जारी की थी. ऐसे में अगर अलर्ट के बाद भी मजदूरों से रात में काम कराया जा रहा था, तो इस मामले में लापरवाही जरूर हुई है. शुरुआती जांच में ठेकेदार की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है.
हादसे के बाद पुल निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं. अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसा केवल खराब मौसम की वजह से हुआ या निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही भी थी.
गौरतलब है कि गुरुवार देर रात उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं. हालांकि, मौसम विभाग द्वारा इस संबंध में पहले ही चेतावनी जारी की थी.