डर लगता है, कहीं रास्ते में ही मुझे जान से न मार दें.

अगडाल सरपंच अनिल कुमार बैंस का खौफनाक खुलासा, सुरक्षा के अभाव में व्हाट्सएप पर लेटर पैड भेजकर कलेक्टर-सीईओ से लगाई गुहार

रामपुर नैकिन (सीधी)। मध्यप्रदेश के सीधी जिले की ग्राम पंचायत अगडाल के सरपंच अनिल कुमार बैंस को मिली जान से मारने की धमकी का मामला अब बेहद खौफनाक और चिंताजनक मोड़ पर आ गया है। पूर्व सचिव अगड़ाल दिलीप सिंह द्वारा दी गई कथित धमकी के बाद पीड़ित सरपंच इस कदर डरे हुए हैं कि उन्हें अब अपनी जान जाने का हर पल खतरा सता रहा है। सरपंच ने रोते और कांपते हुए अपनी सबसे बड़ी चिंता जाहिर की है कि “मुझे इतना डर लग रहा है कि कहीं ये लोग रास्ते में ही घात लगाकर मुझे जान से न मार दें।”रास्ते में हत्या का डर, जिला मुख्यालय जाने की हिम्मत नहींअपनी आर्थिक लाचारी और रास्ते में जानलेवा हमले के इसी गहरे खौफ के कारण सरपंच अनिल कुमार बैंस व्यक्तिगत रूप से जिला मुख्यालय (सीधी) तक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इसी मजबूरी के चलते उन्होंने जिला कलेक्टर और जिला

सीईओ को व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से अपनी ग्राम पंचायत के लेटर पैड पर लिखित शिकायत भेजकर तत्काल पुलिस सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।*घटना के चश्मदीद गवाह हैं वर्तमान सचिव रवि शंकर पाण्डेय इस पूरे मामले में सबसे ठोस कानूनी पहलू यह है कि 15 मई 2026 की दोपहर ठीक 12:00 बजे जब पूर्व सचिव दिलीप सिंह अगड़ाल(वर्तमान पदस्थापना कधवार) का धमकी भरा फोन आया, तब सरपंच के साथ वर्तमान सचिव रवि शंकर पांडे खुद वहां मौजूद थे।
वर्तमान सचिव रवि शंकर पाण्डेय इस पूरी अभद्रता, मां-बहन-बेटी को दी गई गंदी गालियों और जान से मारने की धमकी के सीधे प्रत्यक्षदर्शी (चश्मदीद गवाह) हैं।”गरीब हूं, इसलिए दबाया जा रहा है”सरपंच ने बेहद भावुक लहजे में कहा, “मैं एक अत्यंत गरीब घर का इंसान हूं, शायद इसीलिए मुझे इस तरह प्रताड़ित और आतंकित किया जा रहा है। अगर मुझे या मेरे परिवार को कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आरोपी और प्रशासन की होगी।”कार्रवाई न होने पर रामपुर नैकिन जनपद पंचायत का होगा उग्र घेराव व्हाट्सएप पर शिकायत भेजने के बाद भी अब तक पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई ठोस सुरक्षा या दंडात्मक कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित सरपंच और स्थानीय ग्रामीणों का सब्र टूट रहा है। सरपंच अनिल कुमार बैंस ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी है कि यदि आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त मुकदमा दर्ज कर सरपंच को सुरक्षा नहीं दी गई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर जनपद पंचायत रामपुर नैकिन का उग्र घेराव और चक्का जाम करेंगे।क्या एक जनप्रतिनिधि की जान की कोई कीमत नहीं?एक चुने हुए जनप्रतिनिधि (सरपंच) का इस कदर खौफ के साये में जीना और रास्ते में हत्या की आशंका जताना सीधी जिला प्रशासन और रामपुर नैकिन पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना यह है कि व्हाट्सएप पर मिली इस आधिकारिक और संवेदनशील शिकायत को संज्ञान में लेकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) क्या तुरंत सरपंच को सुरक्षा मुहैया कराते हैं।