ब्रिटेन में भारतीय जहाज कप्तान गिरफ्तार, उत्तराखंड में परिवार ने सरकार से मांगी मदद

रूस से भारत आ रहे प्रतिबंधित तेल टैंकर के भारतीय कप्तान अजय पंत को ब्रिटेन ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है. उन पर रूसी तेल प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप है. उत्तराखंड सरकार और परिवार ने उनकी रिहाई तथा सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है.

नई दिल्ली: रूस से भारत आ रहे एक तेल टैंकर के भारतीय कप्तान को ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया है. ब्रिटिश अधिकारियों का आरोप है कि जहाज रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए प्रतिबंधित रूसी तेल ढो रहा था. इस बीच उत्तराखंड में उनके परिवार ने भारत सरकार से हस्तक्षेप कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, नैनीताल निवासी 38 वर्षीय अजय पंत को 16 जून को वीडियो लिंक के माध्यम से साउथैम्पटन मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया. उन पर आरोप है कि उन्होंने रूस से किसी तीसरे देश तक प्रतिबंधित रूसी तेल की आपूर्ति या ढुलाई में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भूमिका निभाई, जो ब्रिटेन के रूस-संबंधी प्रतिबंध कानूनों का उल्लंघन है.

अदालत में पंत की ओर से पेश वकील जेम्स डायमंड ने कहा कि जहाज किस गंतव्य की ओर जाएगा और वह कौन-सा माल लेकर चलेगा, यह फैसला उनके मुवक्किल का नहीं था. उन्होंने दलील दी कि अजय पंत केवल कंपनी के निर्देशों का पालन कर रहे एक कर्मचारी हैं और अपने पेशेवर दायित्व निभाने के कारण आज ब्रिटिश अदालत के सामने खड़े हैं.

अभियोजन पक्ष के वकील वरुण चुनी ने अदालत को बताया कि 14 जून को रॉयल मरीन और ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (एनसीए) ने एमवी स्मिर्टोस नामक जहाज पर कार्रवाई की थी. अधिकारियों के अनुसार यह जहाज बिना किसी वैध राष्ट्रीय ध्वज के ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में दाखिल हुआ था. जहाज के कप्तान के रूप में पहचाने गए अजय पंत को वहीं गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया गया.

जिला न्यायाधीश डेविड रॉबिन्सन ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए बोर्नमाउथ क्राउन कोर्ट भेज दिया है, जहां 16 जुलाई को आरोपों पर जवाब और मुकदमे की तैयारी से संबंधित सुनवाई होगी. यदि आरोप साबित होते हैं तो पंत को अधिकतम 10 वर्ष की सजा हो सकती है.

उधर उत्तराखंड सरकार ने भी इस मामले में केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है. राज्य के गृह सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि दो दिन पहले विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर अजय पंत की रिहाई और भारत वापसी में सहायता मांगी गई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित राज्य के क्षेत्रीय आयुक्त इस मामले में केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं.

ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग को अजय पंत से कांसुलर संपर्क की अनुमति मिल चुकी है. वहीं जहाज पर मौजूद भारत और जॉर्जिया के 24 अन्य चालक दल के सदस्य अभी भी जहाज पर ही हैं. यह पोत डोरसेट के वेमाउथ तट के पास लंगर डाले हुए है और पर्यावरण तथा सुरक्षा कारणों से उसकी निगरानी की जा रही है.

अजय पंत की पत्नी रितु ने कहा कि उन्हें अपने पति की गिरफ्तारी की जानकारी सोशल मीडिया पर ब्रिटिश मीडिया की खबरों के जरिए मिली. उनके अनुसार न तो ब्रिटिश अधिकारियों और न ही भारतीय अधिकारियों की ओर से परिवार को कोई औपचारिक सूचना दी गई. उन्होंने कहा कि उनके पति का 15 वर्षों से अधिक का समुद्री करियर बेदाग रहा है और वे केवल कंपनी के निर्देशों के अनुसार जहाज का संचालन कर रहे थे.

समुद्री व्यापार से जुड़ी पत्रिका लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, एमवी स्मिर्टोस ने 4 जून को रूस के उस्त-लुगा टर्मिनल से लगभग 1.01 लाख टन यूराल्स कच्चा तेल लादा था और उसका गंतव्य गुजरात का सिक्का बंदरगाह था. जहाज दिसंबर 2025 से कैमरून का झंडा इस्तेमाल कर रहा था, लेकिन इस महीने की शुरुआत में कैमरून ने इस जहाज समेत 36 पोतों को अपने रजिस्टर से हटा दिया था. इसके बाद यह जहाज प्रभावी रूप से किसी भी देश की आधिकारिक पहचान से वंचित हो गया.

ब्रिटिश अधिकारियों की यह कार्रवाई कई मायनों में असाधारण मानी जा रही है. रात के समय रॉयल मरीन के कमांडो एक चिनूक हेलीकॉप्टर से सीधे जहाज पर उतरे, जबकि एनसीए अधिकारियों ने जहाज के दस्तावेजों की जांच की. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस अभियान को मंजूरी दी थी और इसे रूस के खिलाफ एक और बड़ा झटका बताया.

ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने अक्टूबर 2025 में ही एमवी स्मिर्टोस पर प्रतिबंध लगा दिया था. ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह जहाज उन लगभग 700 पोतों के तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा है, जिनके जरिए रूस अपने प्रतिबंधित तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा दुनिया भर में पहुंचाता है. मंत्रालय के अनुसार रूस के लगभग 75 प्रतिशत प्रतिबंधित तेल निर्यात इसी नेटवर्क के माध्यम से होते हैं और इससे मिलने वाली आय यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में मदद करती है.