9 लाख सुझावों के बाद प्रक्रिया तेज

भोपाल/मंगल भारत। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को भिंड जिले के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 1835 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसी के साथ ये भी ऐलान किया कि जुलाई महीने से ही मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम में उन्होंने 322.29 करोड़ रुपये की लागत वाले 56 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भिंड जिले को चार सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिलेगी और लहार कॉलेज में स्नातकोत्तर (पीजी) कक्षाएं शुरू की जाएंगी। सरकार को अब तक 9 लाख से अधिक सुझाव मिल चुके हैं और इन्हीं सुझावों के आधार पर यूसीसी का प्रारूप अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में यह बैठक न केवल सामाजिक और कानूनी पहलुओं को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि प्रदेश में यूसीसी लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी मानी जा रही है।
जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में बनी समिति
अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में छह सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। समिति ने भोपाल समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों में बैठकें कर राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ संवाद किया। इसके अलावा आम नागरिकों और विभिन्न वर्गों की राय भी दर्ज की।
9 लाख से ज्यादा लोगों ने दिए सुझाव
राज्य सरकार ने लोगों से सुझाव लेने के लिए एक विशेष पोर्टल शुरू किया था। इस पहल को व्यापक जनसमर्थन मिला और सरकार के मुताबिक 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। इनमें करीब 4 लाख सुझाव ऑनलाइन माध्यम से भेजे गए। समिति इन सुझावों का अध्ययन कर रही है ताकि कानून का स्वरूप अधिक व्यावहारिक और व्यापक बनाया जा सके। प्रदेश की लगभग 21 प्रतिशत आदिवासी आबादी को ध्यान में रखते हुए सरकार अलग दृष्टिकोण अपनाने पर विचार कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि आदिवासी समुदाय की पारंपरिक व्यवस्थाओं को प्रभावित न करने के लिए उन्हें यूसीसी के कुछ प्रावधानों से छूट दी जा सकती है। हालांकि अंतिम फैसला समिति की रिपोर्ट और सरकार की स्वीकृति के बाद ही सामने आएगा।
सरकार का लक्ष्य जल्द कानून लागू करना
राज्य सरकार यूसीसी को जल्द लागू करने के पक्ष में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कई सार्वजनिक मंचों से यह संकेत दे चुके हैं कि सरकार जुलाई महीने में ही इस दिशा में आगे बढऩे का प्रयास कर रही है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार विधेयक को विधानसभा में पेश कर उसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। फिलहाल प्रदेश भर की नजरें समिति की अंतिम रिपोर्ट और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
यूसीसी इसी माह होगा लागू
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में इसी महीने समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उनका कहना था कि एक देश में सभी नागरिकों के लिए कानून समान होना चाहिए। यूसीसी के लिए गठित समिति को प्रदेशभर से 10 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं, जिनमें मुस्लिम महिलाओं के सुझाव भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार और सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
सरकार की उपलब्धियां गिनाई
डॉ. यादव ने कहा कि उनकी सरकार किसानों, युवाओं और महिलाओं सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, गौशालाओं को प्रोत्साहन देने, सरकारी बस सेवा दोबारा शुरू करने और औद्योगिक निवेश बढ़ाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्यों में शामिल है और सरकार विकास तथा रोजगार सृजन के लिए लगातार नए कदम उठा रही है।
समिति का कार्यकाल बढ़ाया गया
मध्य प्रदेश सरकार ने यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति का कार्यकाल बढ़ाकर 26 जुलाई 2026 तक कर दिया है। पहले समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन मसौदे को अंतिम रूप देने और व्यापक सुझावों को शामिल करने के लिए इस अवधि को बढ़ाया गया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में आवश्यक निर्णय लिया है।