सीएम ने हिन्दी में ही नाम लिखने का दिलाया संकल्प

सीएम ने हिन्दी में ही नाम लिखने का दिलाया संकल्प


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि हम हिंदुस्तान में रहते हैं। अपनी निजी भाषा को अपनाएं। हिंदू नववर्ष पर सभी संकल्प लें कि कम से कम अपना नाम अंग्रेजी में नहीं लिखेंगे। उन्होंने कहा कि हम अंग्रेजों और अंग्रेजीयत के गुलाम नहीं बनेंगे, इसलिए तय किया कि गुड़ी पड़वा पर ही उज्जैन का जन्मदिन मनेगा। सीएम ने यह बात  विक्रमोत्सव कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा, सृष्टि का आरंभ दिवस जब से है, उज्जैन भी तब से ही है। यह काल गणना और महाकाल की नगरी है। इस दौरान विक्रम पंचांग व विक्रम संवत पर आधारित डोंगला वैधशाला से प्रकाशित कैलेंडर का विमोचन किया। विक्रम भारत नाम से यू-ट्यूब चैनल का भी शुभारंभ किया मुख्यमंत्री ने कहा कि सृष्टि के प्रत्येक कल्प में उज्जयिनी का अस्तित्व रहा है। स्कंद पुराण में उज्जयिनी के 6 कल्पों के 6 नाम दिए गए हैं, जो कल्पवार क्रमश: कनकश्रृंगा, कुशस्थली, अवंतिका, अमरावती, चूड़ामणि एवं पद्मावती है। इसलिए उज्जैन को प्रतिकल्पा भी कहा गया है। अन्य ग्रंथों में उज्जयिनी को भोगवती, हिरण्यवती, विशाला आदि नामों से भी संबोधित किया गया है।  मुख्यमंत्री  ने कहा कि स्कंद पुराण के अवंति खंड के अनुसार भगवान शिव अवंतिका में महाकाल वन में अधिष्ठित हैं। उन्होंने कहा कि महाकाल वन प्रोजेक्ट में मन्दिरों की छटा को बढ़ाया जा रहा है। उज्जैन का सांस्कृतिक पुनरुत्थान होगा, विकास का नया इतिहास रचा जायेगा।

अब कांग्रेस कार्यकर्ता भी बनाएंगे धार्मिक छवि
पांच राज्यों के चुनाव में करारी हार के बाद मप्र कांग्रेस की अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चिंताए बढ़ गई हैं। यही वजह है कि अब कांग्रेस ने भी प्रदेश में  भाजपा के हिंदुत्व का मुकाबला करने के लिए सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ बढ़ने की योजना बनाई है। यही वजह है कि अब आगामी कुछ दिनों में पीसीसी चीफ से लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता राम और हनुमान की भक्ति करते नजर आएं , तो चौंकिएगा नहीं। इसके लिए हाल ही में प्रदेश संगठन द्वारा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पत्र भेजकर रामनवमी और हनुमान जयंती को भव्य तरीके से मनाने के लिए कहा गया है। इसमें 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन राम कथा वाचन करने और 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने को कहा गया है। खास बात यह है कि हनुमान जयंती के दिन कमलनाथ भी छिंदवाड़ा में हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना करेंगे।

आईएएस नियाज खान ने जवाब देने मांगा समय
अपनी बेबाकी के लिए चर्चा में रहने वाले आईएएस अफसर नियाज खान इन दिनों मुश्किल में हैं। उनकी मुश्किल बनी है कश्मीरी पंडितों के पलायन पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स । इस फिल्म को लेकर उनके द्वारा कई ट्वीट किए गए थे। इसके बाद उनसे प्रशासन द्वारा सात दिन में जवाब देने को कहा गया था। सात दिन का वक्त गुजर जाने के बाद अब नियाज ने अपना स्पष्टीकरण देने के लिए सात दिन का समय और मांगा है। दरअसल उनके द्वारा फिल्म को लेकर ट्वीट किया था कि मुस्लिम कीड़े नहीं हैं। उनके नरसंहार पर भी फिल्म बनाना चाहिए। इसके  बाद फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट कर लिखा था, सर, नियाज खान साहब, 25 मार्च को भोपाल आ रहा हूं। आपसे मिलकर विचारों का आदान-प्रदान करूंगा। तब नियाज ने कहा था, हम उनसे मांग करेंगे कि आप पीएम के करीबी हैं और उनसे आपके अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए आप मेरी कश्मीर में पोस्टिंग करा दीजिए और पंडितों के पुनर्वास का काम दिला दीजिए। पुनर्वास के काम में शानदार रिजल्ट देने का वादा करता हूं।

अब मंत्री करेंगे पदयात्रा
सूबे के एक मंत्री अपनी कार्यप्रणाली की वजह से हमेशा चर्चा में रहते हैं। हालांकि उनकी कार्यप्रणाली ही उन्हें लोकप्रिय बनाती है। यह मंत्री हैं सूबे के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर। अब वे कल से पदयात्रा पर निकलने वाले हैं। इस यात्रा को लेकर उनका दावा है कि वे ग्वालियर से दतिया के बीच पड़ने  वाले नगरों, गांवो व मजरों टोलों में लोगों की बिजली संबधी समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण कराएंगे। यही नहीं इस दौरान उनके द्वारा जन चौपल के अलावा शिकायत निवारण शिविर भी लगाए जाएंगे। इस यात्रा की शुरूआत उनके द्वारा 4 अप्रैल को कोटेश्वर मंदिर ग्वालियर से शुरू की जाएगी । इसका समापन 7 अप्रैल को दतिया में किया जाएगा।