तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 23 मजदूरों की मौत, कई घायल

तमिलनाडु के विरुधुनगर के पास कट्टनारपट्टी स्थित वनजा फायरवर्क्स यूनिट में रविवार (19 अप्रैल, 2026) को हुए विस्फोट में 23 मजदूरों की मौत हो गई और 25 घायल हो गए. यह यूनिट छुट्टी वाले दिन बिना अनुमति के संचालित हो रही थी, और फैक्ट्री के अंदर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया.

नई दिल्ली: तमिलनाडु के विरुधुनगर के पास कट्टनारपट्टी स्थित वनजा फायरवर्क्स यूनिट में रविवार (19 अप्रैल) को हुए विस्फोट में 23 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए. यूनिट में हुए दूसरे विस्फोट में छह पुलिसकर्मी और चार दमकलकर्मी समेत 17 लोग घायल हुए. घायलों में एक बच्चा और पांच महिलाएं शामिल हैं.

द हिंदू की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश मृतकों के शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण पहचान में नहीं आ रहे थे. कई शव ब्लास्ट के कारण क्षतिग्रस्त पाए गए.

घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें 80 प्रतिशत से अधिक जलन की चोटें आई हैं. सभी घायलों को विरुधुनगर सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

विरुधुनगर के कलेक्टर एन.ओ. सुखापुत्रा ने अखबार को बताया कि दोपहर करीब 3:15 बजे उस शेड में विस्फोट हुआ, जहां रसायनों का मिश्रण किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि रविवार को पटाखा उद्योग बंद रहता है, लेकिन यह यूनिट बिना अनुमति के संचालित हो रही थी.

करीब 40 मजदूर शेड के अंदर और बाहर पटाखे बनाने में लगे हुए थे. उन्होंने कहा, ‘इन सभी मजदूरों को उन अलग-अलग शेडों में काम करना चाहिए था, जो रसायन मिश्रण स्थल से दूर स्थित होते हैं. लेकिन उन्होंने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया.’

सुखापुत्रा ने बताया कि विरुधुनगर अस्पताल में अतिरिक्त मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है. साथ ही, मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल से विशेषज्ञों को बुलाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की जा रही है.

एक पटाखा फैक्ट्री मालिक ने द हिंदू से बातचीत में सवाल उठाया, ‘जिला राजस्व अधिकारी से लाइसेंस प्राप्त किसी भी यूनिट में एक समय में केवल 11 से 12 मजदूर ही काम कर सकते हैं. ऐसे में एक ही दुर्घटना में 23 लोगों की मौत कैसे हो सकती है?’ उन्होंने आशंका जताई कि इस घटना के बाद लाइसेंस प्राप्त इकाइयों को भी अधिकारियों की जल्दबाजी में की गई कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.

अख़बार के अनुसार, लाइसेंस प्राप्त इकाइयों में आमतौर पर एक शेड में केवल चार मजदूरों को काम करने की अनुमति होती है. सुरक्षा मानकों के अनुसार, शेडों के बीच पर्याप्त दूरी होना जरूरी है ताकि किसी दुर्घटना के दौरान विस्फोट का प्रभाव कम किया जा सके.

सीपीआई के नेता वी. बालामुरुगन ने सवाल किया कि जिस फैक्ट्री के किलोमीटर से अधिक दूरी तक पक्की सड़क भी नहीं थी, उसे लाइसेंस कैसे दिया गया.

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, ‘विरुधुनगर जिले के कट्टनपट्टी में पटाखा फैक्ट्री में हुई विस्फोट की घटना में कई लोगों की मृत्यु का अत्यंत दुखद समाचार मिला है. इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.’

उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मैंने के.के.एस.एस.आर. रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों में तेजी लाने, उनकी निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने का अनुरोध किया है.’ ये दोनों राज्य सरकार में मंत्री हैं.

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं.’

इससे पहले, दमकल और बचाव सेवा कर्मियों ने लंबी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, क्योंकि बचे हुए रसायन और सामग्री बार-बार विस्फोट हो रहे थे. शुरुआत में स्थानीय लोगों ने घायलों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया.