पिपराव में श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा: डॉ. आदिकेशव महाराज ने सिखाए गृहस्थ में सुख-शांति के सूत्र.सीधी.

पिपराव में श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा: डॉ. आदिकेशव महाराज ने सिखाए गृहस्थ में सुख-शांति के सूत्र.

रामपुर नैकिन सीधी: पिपराव (परिहार टोला):क्षेत्र के ग्राम पिपराव स्थित ‘सुशीला सदन’ में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ रहा है। जगन्नाथ पुरी धाम (ओडिशा) से पधारे परम पूज्य डॉ. आदिकेशव रामानुज दास जी महाराज अपनी रसमयी वाणी से क्षेत्रवासियों को भक्ति मार्ग से जोड़ रहे हैं।संस्कारों और सेवा से ही जीवन में सफलताकथा व्यास महाराज श्री ने स्वाध्याय, चिंतन और मनन पर जोर देते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा से ही जीवन में सुख, शांति और यश की प्राप्ति संभव है। उन्होंने बताया कि गृहस्थ में रहकर भी आध्यात्मिक जीवन जिया जा सकता है, बशर्ते पति-पत्नी के विचारों में एकरूपता और तादात्म्य भाव हो। कथा के दौरान भगवान कृष्ण की मनमोहक लीलाओं और प्रहलाद की अडिग भक्ति के प्रसंगों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।विशिष्ट अतिथियों और श्रोताओं की उपस्थितिइस पावन अवसर पर मुख्य कथा श्रोता श्री अनिल-

सुनीता सिंह परिहार, श्री अनुज सुधीर-सरोज सिंह एवं श्री बसंत-सरिता सिंह के साथ क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और भक्तगण सम्मिलित हुए।कथा का लाभ लेने विशेष रूप से रामानुज तिवारी (मलगांव), विभूतिभूषण शर्मा, ज्ञानेन्द्र द्विवेदी, राघौ सिंह बैस, संदीप तिवारी, रमाकांत मिश्रा, उमेश सिंह बघेल (भरतपुर), बेटा सिंह (उचेहरा मैहर), श्यामलाल सिंह (नागौद सतना), महेन्द्र सिंह सोमवंशी, अरुण सिंह चौहान (रामपुर बघेलान), गजेन्द्र सिंह परिहार (नबै नागौद), बीरेन्द्र सिंह परिहार, सुरेश सिंह परिहार, सुशील सिंह परिहार, कैलाश सिंह परिहार, एवं तेज बली सिंह परिहार सहित समस्त क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।तीन सूत्रों से जीवन का उत्थानमहाराज जी ने अंत में भावाद्वैत, क्रियाद्वैत और द्रव्याद्वैत के तीन सूत्रों को समत्व सिद्धांत का आधार बताया। उन्होंने स्त्री शक्ति की महत्ता को रेखांकित करते हुए समाज के उत्थान में उनके योगदान की चर्चा की।बता दें कि इस कथा का सीधा प्रसारण ‘Satsang Path Jagannathpur’ चैनल पर भी किया जा रहा है, जिससे दूर-दराज बैठे श्रद्धालु भी इस ज्ञान गंगा का आनंद ले रहे हैं। कथा का समापन 11 मई 2026 को होगा।