संसार में हमें मेहमान बनकर रहना है मालिक बनकर नहीं– आचार्य श्री विश्वरत्न सागरजी म,सा

संसार में हमें मेहमान बनकर रहना है मालिक बनकर नहीं– आचार्य श्री विश्वरत्न सागरजी म,सा

महिदपुर रोड परम पूज्य आचार्य नवरत्न सागर सुरिश्वर जी महाराज साहब के कृपा पात्र शिष्य महा मंगलिक प्रदाता आचार्य विश्वरत्न सागर सुरिश्वर जी महाराज साहब आदि ठाणा 5 का मंगल प्रवेश सोमवार को सुबह 8:00 बजे ताल रोड से नगर में ढोल नगाड़े के साथ सकल जैन श्री संघ की उपस्थिति में गुरुदेव के मंगलकारी जयकारों के साथ हुआ मंदिर में गुरुदेव के मुखारविंद से सामूहिक चैत्य वंदन हुआ तपस्या तत्पश्चात 9:30 बजे आचार्य श्री के मंगलकारी प्रवचन हुए धर्म सभा को जिनवाणी का रसपान कराते हुए गुरुदेव ने कहा कि हमें संसार में मेहमान बनकर रहना है मालिक बनकर नहीं मेहमान बनकर रहेंगे तो हम तिर जाएंगे और मालिक बनकर रहेंगे तो डूब जाएंगे। कितने ही राजाओं महाराजाओं को सल्तनत व संपत्ति को छोड़कर उन्हें जाना पड़ा क्योंकि व्यक्ति जीवन में खाली हाथ आया है और उसे खाली हाथ ही जाना है प्रबल पुण्योदय के योग से हमें उत्तम जाती उत्तम कुल उत्तम धर्म एवं महावीर का शासन प्राप्त हुआ है यहां पर भी अगर हम अपने कर्मों का शय नहीं करेंगे तो नरक के अलावा हमारा कोई ठिकाना नहीं रहेगा। कषाय रूपी माया जाल का नाम ही संसार है संसार में आशक्ति ही संसार को बढ़ाती है हमें धर्म आराधना करते हुए मोह,राग रूपी माया जाल के बंधन को तोड़ते हुए कर्मों क्षय करके आत्म कल्याण के मार्ग की ओर बढ़कर अपने मनुष्य जीवन को सफल बनाना है। साधार्मिक भक्ति का लाभ समरथमल शुभम, संकेश कुमार चौरडिया परिवार द्वारा लिया गया प्रवेश के मंगलकारी अवसर पर क्षेत्रीय विधायक समाज गौरव दिनेश जैन बौस, जैन श्री संघ अध्यक्ष अजय चोरडिया, समाज के वरिष्ठ महानुभाव, सकल जैन श्री संघ, नवयुवक महिला बहू तरुण बालिका परिषद में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया पूज्य आचार्य श्री का विहार संध्या को यहां से रूपेटा,नागदा खाचरोद होते हुए पेटलावद पधारेंगे , वहां 17 तारीख को महामंगलिक का आयोजन आप श्री की मंगलकारी निश्रा एवं आपके मुखारविंद से संपन्न होगा। पूज्य गुरुदेव का आगामी चातुर्मास नागपुर महाराष्ट्र में होगा जिसका मंगल प्रवेश 19 जुलाई को होगा उक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी