सिंगरौली में श्रम विभाग में बड़ा प्रशासनिक भूचाल, (फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र )लेबर इंस्पेक्टर बन कर रहे थे 10 वर्षों से नौकरी .

श्रम निरीक्षक नवनीत पांडेय की सेवा समाप्त, रिकवरी के भी आदेश
सिंगरौली:नवनीत कुमार पांडेय से जुड़ा मामला इन दिनों प्रशासनिक और विभागीय गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लंबे समय से विवादों और कानूनी प्रक्रिया में घिरे श्रम निरीक्षक नवनीत कुमार पांडेय की सेवा शासन द्वारा समाप्त कर दी गई है। जानकारी के अनुसार उनकी नियुक्ति को लेकर मामला पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, जिसके बाद न्यायालय के निर्देशों के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
बताया जा रहा है कि श्रम आयुक्त इंदौर संदीप जीआर द्वारा जारी आदेश में नवनीत पांडेय को सेवा से पृथक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही रिकवरी संबंधी आदेश भी जारी होने की जानकारी सामने आई है, जिससे विभाग में हलचल तेज हो गई है।
नवनीत पांडेय इससे पहले रीवा, सीधी, कटनी सहित कई जिलों में पदस्थ रह चुके हैं। लगभग दो वर्ष पूर्व उनकी पुनः पदस्थापना सिंगरौली जिले में हुई थी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि उनकी नियुक्ति और सेवा से जुड़े विवाद लंबे समय से चल रहे थे और इस मामले में कई स्तरों पर शिकायतें भी की गई थीं।
सूत्रों के मुताबिक मामला दिव्यांग कोटा के तहत नौकरी प्राप्त करने से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप था कि नियुक्ति प्रक्रिया में दिव्यांग आरक्षण के लाभ को लेकर गंभीर अनियमितताएं हुईं, जिसके बाद शिकायतों और कानूनी लड़ाई का सिलसिला शुरू हुआ। न्यायालय में चली लंबी सुनवाई और विभागीय परीक्षण के बाद अंततः शासन ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई कर दी।
इस कार्रवाई के बाद श्रम विभाग सहित प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति है। विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं यह कार्रवाई भविष्य में नियुक्तियों की पारदर्शिता और आरक्षण प्रक्रिया की जांच को लेकर भी बड़ा संदेश मानी जा रही है।
हालांकि, मामले में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सेवा समाप्ति और रिकवरी आदेश ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल पैदा कर दी है।