ईडी ने बुधवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके आवास पर छापेमारी की. बीते साल अप्रैल 2025 में एसएफआईओ ने वीणा के ख़िलाफ़ इस आरोप में चार्जशीट दायर की थी कि उनकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को कोच्चि स्थित कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड से ‘अवैध भुगतान’ किए गए थे.

नई दिल्ली: केरल में विधानसभा चुनाव ख़त्म होने के करीब महीने भर बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार (27 मई) को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास पर कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी चल रही जांच के तहत छापेमारी की.
इस सिलसिले में ईडी ने कोझिकोड में केरल के पूर्व लोक निर्माण और पर्यटन मंत्री मोहम्मद रियाज़ के घर की भी तलाशी ली.
उल्लेखनीय है कि ये छापे एक ऐसे मामले से जुड़े हैं, जिसमें गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने पूर्व मुख्यमंत्री विजयन की बेटी टी. वीणा के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. ये ताज़ा छापे विजयन के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के एक महीने से भी कम समय बाद मारे जा रहे हैं.
मालूम हो कि हाल ही में संपन्न हुए केरल विधानसभा चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) से हार का सामना करना पड़ा था.
इस मामले को लेकर बीते साल अप्रैल 2025 में एसएफआईओ ने वीणा के खिलाफ इस आरोप में चार्जशीट दायर की थी कि उनकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को कोच्चि स्थित कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से ‘अवैध भुगतान’ किए गए थे.
आरोप है कि ये अवैध भुगतान 2018-19 से शुरू होकर तीन साल तक किए गए थे, जबकि इसके बदले में कोई सेवा भी नहीं दी गई थी.
आरोप यह भी है कि एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस ने 2017 में सीएमआरएल के साथ सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाएं देने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट किया था. 2019 में आयकर विभाग ने सीएमआरएल के ठिकानों पर तलाशी ली थी और बाद में एक रिपोर्ट सौंपी थी.
जनवरी 2024 में केंद्र सरकार ने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस, सीएमआरएल और केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की एसएफआईओ जांच का आदेश दिया था; केएसआईडीसी की सीएमआरएल में 13.4% हिस्सेदारी थी.
मार्च 2024 में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया था.
इससे पहले वीणा की कंपनी और केएसआईडीसी ने अलग-अलग कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एसएफआईओ की जांच पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था.
मंगलवार को केरल हाईकोर्ट ने सीएमआरएल और उसके अधिकारियों द्वारा दायर उन याचिकाओं को भी खारिज कर दिया, जिनमें ईडी जांच रद्द करने की मांग की गई थी. अदालत ने कहा कि इस मामले में पहली नज़र में मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत दिखाई देते हैं और एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.
कोर्ट के इस फैसले के बाद बुधवार को ईडी की छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई शुरू हुई.
वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड बेंगलुरु में स्थित है.
ईडी का यह मामला कोट्टायम जिला पंचायत के सदस्य और वरिष्ठ राजनेता पीसी जॉर्ज के बेटे शोन जॉर्ज की शिकायत पर आधारित है. मालूम हो कि पीसी जॉर्ज हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए हैं.
इससे पहले कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने भी इस मुद्दे को उठाया था और वीणा की कंपनी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था.
साल 2024 में विजयन ने अपनी बेटी की कंपनी के खिलाफ चल रहे इस मामले को ‘राजनीतिक बदले की भावना से