चुरहट में अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त.सीधी.

चुरहट में अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त.सीधी.

बार-बार ट्रिपिंग से उपकरण हो रहे खराब, जेई अमित राज की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल; उपभोक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी.

विंध्य भूमि/चुरहट/सीधी। चुरहट विद्युत मंडल क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से आम उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब देने लगा है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि विद्युत मंडल के जेई अमित राज के कार्यकाल में बिजली आपूर्ति व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। दिन हो या रात, बिजली के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं होने से आमजन, व्यापारी, किसान, विद्यार्थी और मरीज सभी परेशान हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि बिजली की आंख-मिचौली के कारण घरों में लगे टीवी, फ्रिज, कूलर, पंखे, इन्वर्टर और अन्य विद्युत उपकरण बार-बार खराब हो रहे हैं। रात में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की नींद हराम हो रही है, जबकि दिन में बिजली कटौती के कारण व्यापार, पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि विभाग की कार्यप्रणाली पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। लोगों ने मांग की है कि अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए, ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

क्या बोले उपभोक्ता

शशांक सिंह चौहान (जानू) ने कहा, “हम नियमित रूप से बिजली बिल भरते हैं, लेकिन बदले में अघोषित कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या झेलनी पड़ रही है। इससे हमारा दैनिक जीवन और कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।”

मोनू खान (व्यापारी) ने कहा, “बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। बार-बार कटौती से घरों के उपकरण खराब हो रहे हैं और आम जनता परेशान है। प्रशासन को इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।”

कृष्ण प्रताप सिंह (बड़खारा, चुरहट) ने कहा, “हम बिजली विभाग से मांग करते हैं कि अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए, खराब व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए और क्षेत्रवासियों को नियमित एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो जनता अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को बाध्य होगी।”

विपुल पांडेय (वार्ड क्रमांक-15) ने कहा, “बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि कोई तकनीकी समस्या है तो उसकी जानकारी समय पर जनता को दी जानी चाहिए, लेकिन बिना सूचना के लगातार कटौती करना पूरी तरह अस्वीकार्य है।”