तहसील कार्यालय से लगी पहाड़ी में 3 हेक्टेयर में अवैध मुरुम उत्खनन! कार्रवाई सिर्फ डेढ़ हेक्टेयर तक सीमित, विभाग पर उठे सवाल.सीधी.
चुरहट में अवैध खनन पर चयनात्मक कार्रवाई के आरोप, एक खसरा नंबर को कार्रवाई से बाहर रखने पर गहराया विवाद.
मंगल भारत/चुरहट/सीधी/चुरहट तहसील कार्यालय से लगी पहाड़ी में बड़े पैमाने पर हुए कथित अवैध मुरुम उत्खनन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध उत्खनन होने के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई केवल करीब डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र तक सीमित रहने से खनिज एवं राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे क्षेत्र का सर्वे और निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय केवल चुनिंदा लोगों को नोटिस जारी कर मामले को सीमित करने का प्रयास किया गया है।
सूत्रों के अनुसार तहसील कार्यालय से सटी पहाड़ी में लंबे समय से मुरुम का अवैध उत्खनन और परिवहन होता रहा है, जिससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। इसके बावजूद पूरे प्रभावित क्षेत्र का भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया और कार्रवाई सीमित दायरे में ही की गई।
एक खसरा नंबर को कार्रवाई से बाहर रखने पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि खसरा नंबर 1439/3/1/1/2/4/1 में भी बड़े पैमाने पर मुरुम का अवैध उत्खनन हुआ है, लेकिन इस आराजी को प्रकरण से बाहर रखा गया। आरोप है कि न तो संबंधित भू-स्वामी को नोटिस जारी किया गया और न ही उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई। इससे विभाग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन आराजी नंबरों को जारी हुए नोटिस
जानकारी के अनुसार हल्का नकवेल में अवैध उत्खनन के मामले में आराजी नंबर 1439/3/1/1/2/1 तथा 1440/1/1/1/1/1/1 सहित अन्य संबंधित भूमि स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि खसरा नंबर 1439/3/1/1/2/4/1 को कार्रवाई से बाहर रखा गया है। इसी को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
कलेक्टर से उच्च स्तरीय जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से पूरे क्षेत्र का दोबारा सीमांकन, भौतिक सत्यापन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में जांच होने पर ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और यह स्पष्ट होगा कि आखिर किन परिस्थितियों में एक खसरा नंबर को कार्रवाई से बाहर रखा गया।
एसडीएम ने दिए पुनः जांच के संकेत
एसडीएम चुरहट विकास कुमार आनंद ने कहा,
“मेरे पास नकवेल में तहसील से लगी हुई पहाड़ी में अवैध खनन एवं परिवहन की शिकायत आई है। इस मामले की जांच नए सिरे से पुनः टीम गठित कर कराई जाएगी।”
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में पारदर्शी और व्यापक जांच कर सभी दोषियों पर समान कार्रवाई करता है या फिर कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक ही सीमित रह जाती है।