गुजरात पुलिस ने पंचायत और कृषि राज्य मंत्री बच्चूभाई खाबड़ के बेटे बलवंत खाबड़ को मनरेगा के फंड से जुड़े 71 करोड़ रुपये के कथित घोटाले मामले में गिरफ़्तार किया है. बलवंत पर आदिवासी बहुल दाहोद जिले में धोखाधड़ी करने का आरोप है.

नई दिल्ली: गुजरात पुलिस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के फंड से जुड़े 71 करोड़ रुपये के कथित घोटाले मामले में एक मंत्री के बेटे को गिरफ्तार किया है.
मंत्री बच्चूभाई खाबड़ के बेटे बलवंत खाबड़ को पुलिस ने दाहोद से गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, कुछ एजेंसियों को विभिन्न कार्यों के लिए अनुबंधित किया गया था, लेकिन उन्होंने परियोजनाएं पूरी नहीं कीं, लेकिन सरकार से भुगतान प्राप्त कर लिया.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इन एजेंसियों ने फर्जी बिल पेश किए. बलवंत इन एजेंसियों के मालिकों में से एक है. उनके पिता पंचायत और कृषि राज्य मंत्री हैं और देवगढ़बारिया निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि बलवंत पर आदिवासी बहुल दाहोद जिले के देवगढ़ बारिया और धनपुर तालुका के अंतर्गत आने वाले इलाकों में धोखाधड़ी करने का आरोप है.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पूर्व तालुका विकास अधिकारी (टीडीओ) दर्शन पटेल को भी गिरफ्तार किया गया है. दोनों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
दाहोद जिले के पुलिस उपाधीक्षक जगदीश भंडारी ने एक्सप्रेस को बताया, ‘हमने प्राथमिक जांच की और यह बात सामने आई कि बलवंतसिंह खाबड़ द्वारा संचालित एजेंसी, जो मनरेगा परियोजनाओं के लिए सामान की आपूर्ति करती है, ने सामान की पूरी सूची दिए बिना ही कुछ निश्चित राशि के बिल जारी कर दिए थे.’
भंडारी ने कहा, ‘जांच जारी है और हमें अभी तक गलत लेन-देन की सही मात्रा का पता नहीं चल पाया है. गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है.’
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायत के बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की. अब उसने मांग की है कि इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाए.
कांग्रेस नेता अमित चावड़ा ने कहा, ‘दाहोद में मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार की बार-बार शिकायतों के बावजूद सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, जहां परियोजनाओं को ज़मीन पर क्रियान्वित नहीं किया गया है, लेकिन बिलों को मंजूरी दे दी गई है. कांग्रेस बार-बार लिखित और मौखिक रूप से, साथ ही विधानसभा में प्रश्नों के माध्यम से इस मुद्दे को उठाती रही है.’