लेबनान में संघर्षविराम तीन हफ्ते बढ़ाने के बावजूद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं और अमेरिकी घेराबंदी जारी है. गाज़ा में मानवीय संकट गहरा रहा है, जबकि दक्षिणी लेबनान और वेस्ट बैंक पर इज़रायली कार्रवाइयां जारी हैं.

नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों के 56वें दिन भी हालात बेहद जटिल बने हुए हैं. एक ओर संघर्षविराम को आगे बढ़ाने और कूटनीतिक पहल की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर सैन्य गतिविधियां, समुद्री टकराव और ज़मीनी हमले इस पूरे संकट को और गहरा कर रहे हैं.
संघर्षविराम बढ़ा, लेकिन दबाव और अनिश्चितता कायम
अल-जज़ीरा के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान के साथ संघर्षविराम को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाने की घोषणा की है और कहा है कि वह जल्द ही इज़रायल और लेबनान के नेताओं की मेजबानी करना चाहते हैं.
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान के साथ चल रहे टकराव को खत्म करने को लेकर उन पर कोई दबाव नहीं है. उनके बयान, ‘मेरे पास समय है, ईरान के पास नहीं, इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बातचीत के साथ-साथ दबाव की नीति जारी रहेगी.
ईरान की ओर से पहले ही यह कहा जा चुका है कि जब तक बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म नहीं होती, तब तक वार्ता दोबारा शुरू नहीं होगी.
समुद्र में टकराव और सैन्य जमावड़ा तेज
पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. अमेरिका का तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश क्षेत्र में पहुंच गया है, जो पहले से तैनात यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ मिलकर बड़ी नौसैनिक ताकत का हिस्सा बन गया है.
इसी बीच, ट्रंप ने अमेरिकी बलों को आदेश दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में बारूदी सुरंग बिछाने की कोशिश करने वाली किसी भी ईरानी नाव पर ‘देखते ही गोली मार दी जाए.’
ईरान ने कुछ ‘मित्र देशों’ को इस जलमार्ग से गुजरने के लिए शुल्क में छूट दी है, जिनमें रूस का नाम भी शामिल है.
गाज़ा में मानवीय संकट और गहराया
गाज़ा में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 5,000 से 6,000 लोगों के अंग काटने पड़े हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है.
चिकित्सा उपकरणों और कृत्रिम अंगों की भारी कमी है, क्योंकि फरवरी 2025 से इज़रायल ने इनकी आपूर्ति पर रोक लगा रखी है.
स्थिति यह है कि हजारों लोग इलाज और पुनर्वास के बिना जीवन जीने को मजबूर हैं, जबकि क्षेत्र में विशेषज्ञों की संख्या बेहद कम है.
वेस्ट बैंक और लेबनान में कार्रवाई जारी
पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) के नाबलुस शहर में इज़रायली सेना ने सुबह-सुबह छापेमारी कर तीन फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया, जिनमें दो भाई शामिल हैं. दूसरी ओर, लेबनान में संघर्षविराम के बावजूद इज़रायली हमले जारी हैं. दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हवाई हमले और गोलाबारी की खबरें हैं.
लेबनान की संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी है कि अगर इज़रायल उसकी ज़मीन पर बना रहता है, तो इससे प्रतिरोध और तेज होगा. हिज़्बुल्लाह भी लगातार जवाबी कार्रवाई की बात कर रहा है, जिससे यह साफ है कि संघर्षविराम बेहद नाजुक स्थिति में है.
कुल मिलाकर 56वें दिन की तस्वीर साफ तौर पर बताती है कि संघर्षविराम केवल औपचारिकता बनकर रह गया है. समुद्र में टकराव, ज़मीन पर हमले, गाज़ा में मानवीय संकट और राजनीतिक अविश्वास, ये सभी संकेत देते हैं कि यह संकट अभी थमने वाला नहीं है.
कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन उनके सफल होने की संभावना फिलहाल बेहद अनिश्चित दिखाई देती है.