ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों का 53वां दिन: ट्रंप की चेतावनी के बीच तेहरान ने वार्ता से इनकार किया

ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों के 53वें दिन तनाव बरकरार है. ट्रंप ने बातचीत नहीं होने पर गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है, जबकि ईरान ने दबाव में वार्ता से इनकार किया है. लेबनान में हमले जारी हैं, और अमेरिका में युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं.

नई दिल्ली: ईरान पर जारी अमेरिका और इज़रायल के हमलों के 53वें दिन हालात अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं. एक ओर कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं जताई जा रही हैं, तो दूसरी ओर धमकियों, सैन्य कार्रवाइयों और विरोध प्रदर्शनों ने तनाव को और गहरा कर दिया है.

ट्रंप की चेतावनी: बातचीत करो, वरना ‘अंजाम भुगतो’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को अमेरिका के साथ बातचीत करनी ही होगी, नहीं तो उसे ‘ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, जैसी उसने पहले कभी नहीं देखीं.’

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है और अब उन्हें फिर से तैयार करना ‘लंबी और मुश्किल प्रक्रिया’ होगी. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका के पास कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं था.

कूटनीतिक कोशिशें जारी, लेकिन गतिरोध बरकरार

ईरान पर हमलों के बीच कूटनीतिक स्तर पर समाधान की कोशिशें अभी भी अनिश्चित बनी हुई हैं. तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह ‘धमकियों के साये में’ किसी तरह की बातचीत नहीं करेगा.

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि जब तक ईरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तब तक उसके बंदरगाहों पर लगाया गया प्रतिबंध (ब्लॉकेड) जारी रहेगा.

इस बीच, लेबनान और इज़रायल के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के तहत दोनों पक्ष गुरुवार को वॉशिंगटन, डीसी में फिर से वार्ता के लिए पहुंचेंगे.

हालांकि जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं. इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान में हमले जारी रखे हैं. क़ाक़ाइयेत अल जिस्र कस्बे में हुए एक हवाई हमले में छह लोग घायल हुए, जबकि खियाम कस्बे में कई घरों को तबाह कर दिया गया. यह कार्रवाई 10 दिन के संघर्षविराम का उल्लंघन मानी जा रही है.

ईरान की प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र में शिकायत

ईरान ने अमेरिका द्वारा उसके मालवाहक जहाज़ ‘टूस्का’ को जब्त किए जाने के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने नाइटेड नेशंस के महासचिव और इंटरनेशनल मैरिटाइम ऑर्गनाइजेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. ईरान ने इस कार्रवाई को ‘गैरकानूनी और बर्बर’ बताया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन है.

ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने जहाज़, उसके नाविकों और उनके परिवारों की तत्काल रिहाई की मांग की है. बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि जहाज़ के क्रू और उनके परिवारों को डराया-धमकाया गया.

अमेरिका में विरोध: युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन

अमेरिका में भी इस युद्ध को लेकर विरोध तेज हो रहा है. समाचार वेबसाइट द हिल के मुताबिक, वॉशिंगटन डीसी में एक संसदीय इमारत में प्रदर्शन करने के दौरान 60 से अधिक पूर्व सैनिकों और उनके परिवार के लोगों को गिरफ्तार किया गया.

प्रदर्शनकारी कैनन हाउस ऑफिस बिल्डिंग के भीतर इकट्ठा हुए थे. उन्होंने ईरान में मारे गए लोगों की याद में लाल ट्यूलिप फूल पकड़े हुए थे और ‘ईरान पर युद्ध खत्म करो’ जैसे नारे लिखे बैनर दिखाए.

प्रदर्शन के दौरान अमेरिकी सैनिकों की मौत को प्रतीकात्मक रूप से याद करते हुए झंडा मोड़ने की रस्म भी की गई. बाद में कैपिटल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.

लेबनान में तबाही: खाली घरों पर हमले

इज़रायली हवाई हमलों से लेबनान के पूर्वी बेक्का घाटी में भारी नुकसान हुआ है.

मशग़ारा कस्बे के लोगों ने अल-जज़ीरा को बताया कि एक हमले में दो परिवारों के मकान पूरी तरह तबाह हो गए. स्थानीय निवासी महमूद इब्राहिम ने बताया कि वह अपने घर के पास गाड़ी खड़ी कर अंदर गए ही थे कि कुछ ही मिनटों में जोरदार धमाका हुआ, जिससे उनके घर की खिड़कियां, दरवाजे और अन्य सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये मकान पहले ही खाली कर दिए गए थे, इसलिए यह समझ नहीं आ रहा कि उन्हें निशाना क्यों बनाया गया. हालांकि, हमले के समय वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई.