बघवार अल्ट्राटेक प्लांट की प्रदूषण रिपोर्ट पर सवाल: शिकायतकर्ता तेजबहादुर सिंह ने दी प्रशासन को खुली चुनौती.
सीधी.

मंगल भारत.मझिगवां (बघवार) स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के प्रदूषण को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर आ गया है। शिकायतकर्ता तेजबहादुर सिंह ने प्रशासन द्वारा प्लांट को दी गई ‘क्लीन चिट’ को पूरी तरह फर्जी बताते हुए अधिकारियों को खुली चुनौती दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अधिकारी दिन के उजाले में निरीक्षण का नाटक करते हैं, जबकि असली प्रदूषण का खेल रात के अंधेरे में शुरू होता है।
“करियाझर पुल पर बैठें अधिकारी, तब दिखेगी हकीकत”
तेजबहादुर सिंह ने जांच रिपोर्ट के दावों को नकारते हुए कहा कि यदि अधिकारी वास्तव में निष्पक्ष जांच करना चाहते हैं, तो वे शाम 5:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक ‘करियाझर के पुल’ पर बैठें। उनका दावा है कि रात के समय प्लांट से निकलने वाली गंदगी और धूल का गुबार इस कदर होता है कि वहां सांस लेना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अधिकारी एसी कमरों और दिन की उजाली रिपोर्ट के आधार पर शिकायत बंद करना चाहते हैं, जो कि ग्रामीणों के साथ धोखा है।
मझिगवां पंचायत के हर घर में है आक्रोश
शिकायतकर्ता ने अधिकारियों को चुनौती दी है कि वे ग्राम पंचायत मझिगवां में किसी भी आम नागरिक से जाकर पूछ लें कि प्लांट के कचरे और धूल से उनका जीवन कितना प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और कंपनी की मिलीभगत के कारण उनकी शिकायतों को अनसुना किया जा रहा है। अधिकारियों ने रिपोर्ट में शिकायतकर्ता की दूरी का हवाला दिया है, जबकि प्रदूषण का असर पूरी पंचायत और आसपास के जल स्रोतों पर पड़ रहा है।
प्रशासनिक रिपोर्ट पर उठे सवाल
उल्लेखनीय है कि एल-1 अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि प्लांट में ‘फॉग सिस्टम’ चालू है और शिकायतकर्ता मौके पर नहीं आए। इस पर तेजबहादुर सिंह का कहना है कि उन्हें निरीक्षण के लिए कोई सूचना ही नहीं दी गई और कंपनी के पक्ष में “चंद पैसों की खनक” के चलते झूठी रिपोर्ट तैयार कर सीएम हेल्पलाइन पर अपलोड कर दी गई है।
बढ़ सकता है विरोध का स्वर
इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मझिगवां के ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात के समय होने वाले इस प्रदूषण पर लगाम नहीं लगाई गई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।