पिपराव में श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा: डॉ. आदिकेशव रामानुज दास जी महाराज ने दिये आशीर्वचन जीवन के भक्ति मार्ग के मूल मंत्र.

पिपराव में श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा: डॉ. आदिकेशव रामानुज दास जी महाराज ने दिये आशीर्वचन जीवन के भक्ति मार्ग के मूल मंत्र.

सीधी जिले के पश्चिमांचल क्षेत्र रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम
पिपरांव (परिहार टोला) के “सुशीला सदन” में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धा का जनमानस् उमड़ रहा है। जगन्नाथ पुरी धाम (ओडिशा) से पधारे परम पूज्य श्री बिप्र जी पाण्डेय जी निवासी ग्राम भरतपुर के चिरंजीव सुपुत्र परम पूज्य डॉ. आदिकेशव रामानुजदास जी महाराज अपनी अमृतमयी वाणी से क्षेत्रवासियों को भक्ति मार्ग से जोड़ रहे हैं। श्री मद्भागवत कथा मे व्यास जी महाराज के मुखारविन्दु से चंद्रवंश मे जन्मे भगवान् श्री कृष्ण की बाल लीला मे अथाह प्रेम व जीवन मे भक्ति कैसे किया जाये मूल मंत्र प्रदान किये। कालिया नाग को यमुना से मुक्त करना, गोपियों संग रासलीला कर हर मानव जीव को प्रेम करना सिखाया एवं महारास किया, राधारानी को मान और गोपियों को अभिमान हुआ, मनुष्यों को यह शिक्षा लेनी चाहिए कि सुंदरता का अभिमान नही करना चाहिए। अक्रूर जी की अज्ञानता को दूर किया। जब एक राजा (पालक), प्रजा पर अत्याचार करने लगे तो ऋषिसत्ता एवं लोकसत्ता को उसके दंड देने मे संकोच नही करना चाहिए। राजा ! नीति पर चलेगा तो प्रजा भी नीति पर चलेगी और तब प्रकृति ऐसे राज्य में अपना सर्वश्व प्रदान करेगी, वहां चारों ओर सुख, शांति एवं समृद्धि व्याप्त होगा। कंश वध कर सभी को भय मुक्ति किया, और रुक्मणि विवाह पर हजारों की तादात मे जनमानस मे भक्ति की झूम रही। श्री मद्भागवत कथा मे भक्तों को दर्शन लाभ देने हेतु *परम पूज्य श्री राधिका शरण जी महाराज,* श्री धाम ब्रम्हपुरी चोरगड़ी द्वारा अमृतमय वाणी से जीवन का सूक्ष्म मे सार दिया:- वासनाओं एवं कामनाओं के मायाजाल में फसा व्यक्ति भी परमात्मा एवं संत के अनुग्रह से मुक्त हो सकता हैं। अपनी कथा के प्रसंगो से श्रोताओ को भाव विभोर कर दिया। विशिष्ठ अतिथियो और श्रोताओ की उपस्थित इस पावन अवसर पर मुख्य कथा श्रोता श्री अनिल- सुनीता सिंह परिहार, श्री अनुज सुधीर-सरोज सिंह एवं श्री बसंत-सरिता सिंह के साथ क्षेत्र के कई गणमान्य भक्तगण सम्मिलित हुए। कथा का लाभ लेने विशेष रूप से कथा व्यास जी के पूज्य पिता जी श्री बिप्र जी पाण्डेय भरतपुर, श्री शशिभूषण पाण्डेय जी, श्री निवास तिवारी (शास्त्री) जी पिपरांव , नरेन्द्र सिंह जी परिहार ब्लाक कालोनी रामपुर, शुभकरण पाण्डेय जी खरहना, प्रभात सिंह परिहार ब्यौहारी, डा. उपेंद्र सिंह परिहार मुदरिया , शिवकुमार सिंह हिनौती,अर्जुन सिंह परिहार खारा, सुरेंद्र तिवारी मझीगवां, शंकर तिवारी मलगांव, पुष्पराज तिवारी जी मलगांव, दद्न् पाण्डेय जी बुढ़गौना, राजीव पाण्डेय, राम लाल पाण्डेय भरतपुर, देवीदीन पाण्डेय जी (शिक्षक), पप्पू गुप्ता, रामपाल सिंह चोरहटा, राजेंद्र सिंह, नृपेंद्र सिंह, सत्यम सिंह, कार्यक्रम के प्रमुख दर्शनाभिलाषी चन्द्रवली सिंह परिहार, तेजवली सिंह परिहार, तेजभान सिंह परिहार, सुनील सिंह परिहार, कुशल सिंह परिहार, डां अजय पाल सिंह परिहार, वीरेन्द्र सिंह परिहार, वृजेन्द्र सिंह परिहार एवं कैलाश सिंह परिहार सहित समस्त क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। बता दें कि इस कथा का सीधा प्रसारण ‘Satsang Path Jagannathpuri’ चैनल पर भी किया जा रहा है, जिससे दूर-दराज बैठे श्रद्धालु भी इस ज्ञान गंगा का आनंद ले रहे हैं। कथा का समापन 11 मई 2026 को होगा।