तेलंगाना: नाबालिग से यौन शोषण के मामले में केंद्रीय मंत्री के बेटे को हाईकोर्ट से ज़मानत मिली

केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बी. साई भागीरथ के ख़िलाफ़ 8 मई को पेटबशीराबाद पुलिस थाने में पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया गया था. उनकी गिरफ़्तारी 16 मई की रात हुई थी. इस मामले में शिकायतकर्ता एक 17 वर्षीय लड़की की मां हैं, जिन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले वर्ष दिसंबर में हैदराबाद के बाहरी इलाके में भागीरथ ने उनकी बेटी का यौन शोषण किया था.

तेलंगाना हाईकोर्ट ने गुरुवार (9 जुलाई) को केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी साई भागीरथ को बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) 2012 के तहत दर्ज मामले में सशर्त ज़मानत दे दी है.

अदालत ने बंडी साई भागीरथ की याचिका को एक-एक लाख रुपये के दो ज़मानती और अन्य शर्तों पर स्वीकार किया है.

मालूम हो कि बंडी साई भागीरथ के ख़िलाफ़ 8 मई को पेटबशीराबाद पुलिस थाने में पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया गया था. उनकी गिरफ्तारी 16 मई की रात हुई थी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.

इस मामले में शिकायतकर्ता एक 17 वर्षीय लड़की की मां हैं, जिन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले वर्ष 31 दिसंबर को हैदराबाद के बाहरी इलाके मोइनाबाद स्थित एक फार्महाउस में भागीरथ ने उनकी बेटी का यौन शोषण किया.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले लोक अभियोजक पल्ले नागेश्वर राव ने आरोपी को जमानत देने का विरोध किया था. उन्होंने तर्क दिया था कि जमानत पर रिहा होने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है. साथ ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी कर सकता है.

उन्होंने आगे बताया कि पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने वाली है.

वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि भागीरथ 40 दिनों से ज़्यादा समय से न्यायिक हिरासत में हैं और उन्होंने ज़मानत देने की मांग की.

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने हैदराबाद के मलकाजगिरी की एक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने भागीरथ को 7 दिन की अंतरिम ज़मानत दी थी, ताकि वह अपनी परीक्षा में शामिल हो सके.

बंडी भागीरथ के ख़िलाफ़ मामला

शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि उनकी बेटी के विरोध करने के बावजूद उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि भागीरथ लड़की के कमरे में घुसा और उसके साथ गलत व्यवहार किया. साथ ही, उसे पांच अन्य लड़कों और दो लड़कियों के साथ रातभर फार्महाउस में रुकने के लिए मजबूर किया गया.

महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि छह महीने पहले आपसी जान-पहचान के ज़रिए उनकी बेटी को भागीरथ के साथ ‘रिश्ते’ में आने के लिए मनाया गया था.

शिकायत के अनुसार, भागीरथ ने लड़की को भरोसा दिलाया था कि जब वह 18 साल की हो जाएगी, तो वह उससे शादी कर लेगा. शिकायत में कहा गया है कि फार्महाउस वाली घटना से पहले वह कथित तौर पर लड़की को निजी जगहों पर ले गया था- जिनमें रिहायशी इलाके भी शामिल थे – और वहां उसने लड़की का ‘यौन और शारीरिक शोषण’ किया.

शिकायत में कहा गया है कि एक सप्ताह बाद भागीरथ ने अचानक रिश्ता खत्म कर दिया और अपने किए की कोई ज़िम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया. शिकायत में कहा गया, ‘लगातार शोषण और छोड़ दिए जाने के परिणामस्वरूप मेरी बेटी गंभीर मानसिक आघात से गुजरी और उसने 19 तथा 26 जनवरी को आत्महत्या का प्रयास किया.’

लड़की का परिवार हैदराबाद के कोम्पल्ली क्षेत्र में रहता है, जो पेट बशीराबाद थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है. महिला ने पेट बशीराबाद पुलिस थाने को भेजे गए पत्र में लिखा, ‘जब हमने मार्च में कानूनी कार्रवाई शुरू करने की कोशिश की, तब हमें मामला वापस लेने के लिए फोन आने लगे और हम पर परोक्ष रूप से दबाव डाला जाने लगा.’

काउंटर शिकायत

भागीरथ ने भी लड़की और उसके परिवार के खिलाफ एक काउंटर शिकायत दर्ज कराई है. भागीरथ ने भी उसी दिन (8 मई) को करीमनगर के टू टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने कहा कि महिला, उसके पति और बेटी के ‘मेरे और मेरे दोस्तों के समूह के साथ दोस्ताना संबंध बन गए थे.’

शिकायत में यह भी कहा गया कि वह ‘दोस्तों के समूह के साथ विजयवाड़ा मंदिर, अरुणाचलम मंदिर और तिरुमला मंदिर गया था.’

भागीरथ की शिकायत में कहा गया, ‘कुछ समय बाद उनके व्यवहार में बदलाव आया और लड़की के माता-पिता ने मुझे फोन कर उनकी बेटी से शादी करने के लिए दबाव डालना और धमकाना शुरू कर दिया. जब मैंने मना किया, तो उन्होंने मेरे खिलाफ झूठे आपराधिक मामले दर्ज कराने की धमकी दी, जिनमें उत्पीड़न और शारीरिक संबंधों के आरोप शामिल थे. उन्होंने मुझसे बड़ी रकम की मांग भी की. डर के कारण मैंने उसके पिता को 50,000 रुपये दिए और मुझे अकेला छोड़ने का अनुरोध किया.’भागीरथ की शिकायत में यह दावा किया गया है, ‘उसके बाद माता-पिता लगातार मुझे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं और मुझ पर दबाव डाल रहे हैं, यह कहकर कि अगर मैंने उन्हें पांच करोड़ रुपये नहीं दिए, तो वह महिला (लड़की की मां) आत्महत्या कर लेगी.’

भागीरथ ने आरोप लगाया है कि लड़की के परिवार और उसके दोस्तों के बीच पहले से ही कोई विवाद चल रहा था, जिसके कारण अप्रैल में निर्मल पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया था. हालांकि, लड़की के परिवार ने 8 मई को पेट बशीराबाद थाने के अधिकारियों को लिखे अपने पत्र में इस शिकायत को झूठा बताया है.

महिला की शिकायत पर पेट बशीराबाद पुलिस ने भागीरथ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 (महिला की शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग), धारा 75 (यौन उत्पीड़न से संबंधित अपराध) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 11 और 12 (बच्चे के यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया.

वहीं, भागीरथ की शिकायत पर करीमनगर में लड़की के परिवार के खिलाफ बीएनएस की धारा 308 (जबरन वसूली) और धारा 351 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.