रामपुर नैकिन न्यायालय के बंदी गृह की दीवार ढही: दो की मौत, दो घायल.

रामपुर नैकिन न्यायालय के बंदी गृह की दीवार ढही: दो की मौत, दो घायल.

जर्जर शासकीय भवन बना मौत का कारण, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

विंध्य भूमि/रामपुर नैकिन (सीधी)। रामपुर नैकिन न्यायालय परिसर स्थित बंदी गृह की जर्जर दीवार सोमवार को अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय दीवार के पास मौजूद चार लोग मलबे की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक घटना में सुखसेन केवट (50) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संपत साहू उर्फ सलाही (75) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दो अन्य घायल राजेश केवट (35) एवं रामसजीवन साहू (50) का उपचार जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। मजिस्ट्रेट, थाना प्रभारी (टीआई), पुलिस बल एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। मलबा हटाकर घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर नैकिन पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी में कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन राहत दल ने पूरे क्षेत्र की जांच कर स्थिति स्पष्ट की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बंदी गृह की दीवार लंबे समय से जर्जर थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत या उसे उपयोग से बाहर घोषित कर दिया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

मृतकों के नाम:सुखसेन केवट (50 वर्ष), पिता गोकरण केवट, निवासी वार्ड क्रमांक 13, रामपुर नैकिन – मौके पर मृत्यु।

संपत साहू उर्फ सलाही (75 वर्ष), पिता दशरथ साहू, निवासी बजरंगगढ़, तहसील रामपुर नैकिन – उपचार के दौरान मृत्यु।

घायल: राजेश केवट (35 वर्ष), पिता गोकरण केवट, निवासी वार्ड क्रमांक 13, रामपुर नैकिन।

रामसजीवन साहू (50 वर्ष), पिता रामसनेही साहू, निवासी ग्राम मौरा, तहसील रामपुर नैकिन.

यह हादसा शासकीय भवनों की जर्जर स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिले के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को ऐसे खतरनाक भवन पहले क्यों नहीं दिखाई देते? क्या किसी निर्दोष की जान जाने के बाद ही संबंधित विभाग जागते हैं? यदि समय-समय पर शासकीय भवनों का सर्वेक्षण और मरम्मत होती, तो शायद दो परिवारों को अपनों को खोने का दर्द नहीं झेलना पड़ता।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जिले के सभी जर्जर शासकीय भवनों का तत्काल सर्वे कराया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।